देवर्षि नारद जयंती व्याख्यानमाला: विकसित भारत के निर्माण में पत्रकारिता की भूमिका अहम: डॉ. हर्षवर्धन त्रिपाठी
न्यूज' से अधिक 'व्यूज' हावी होना पत्रकारिता के लिए चुनौती– बृजमोहन अग्रवाल

बिलासपुर के कोनी स्थित बैरिस्टर ठकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय में (देवर्षि नारद जयंती व्याख्यानमाला) विश्व संवाद केंद्र और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित ‘देवर्षि नारद जयंती व्याख्यानमाला’ में देश की वर्तमान स्थिति और पत्रकारिता के मूल्यों पर गहन मंथन किया गया…..
विकसित भारत के निर्माण में पत्रकारिता की भूमिका अहम (देवर्षि नारद जयंती व्याख्यानमाला)
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात पत्रकार डॉ. हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकारिता का वास्तविक धर्म सत्ता की चापलूसी करना नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में जनमत तैयार कर देश को बेहतर दिशा प्रदान करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगले 10 वर्ष भारत के भविष्य के लिए निर्णायक हैं, जिसमें तकनीक, शिक्षा और नवाचार के माध्यम से देश को वैश्विक स्तर पर मजबूती देनी होगी….
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने वर्तमान मीडिया परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाचारों की तुलना में व्यक्तिगत विचार (व्यूज) अधिक परोसे जा रहे हैं, जो पत्रकारिता की मर्यादा के लिए चुनौती है। उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद सत्य सूचना के संवाहक थे और आज भी पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य की रक्षा और समाज को जोड़ना होना चाहिए। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य नागरिक, पत्रकार और शिक्षाविद मौजूद रहे, जिन्होंने देवर्षि नारद के आदर्शों को पत्रकारिता का आधार मानने का संकल्प लिया…….





