स्कूल भवन का हुआ टेंडर, पुराना भवन तोड़ने के बाद टेंडर निरस्त, पालकों और शिक्षकों ने लगाया ताला..

बालोद | छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है जहां पर आज फलों व बच्चों ने स्कूल में ताला लगा दिया है और आज स्कूल बंद है और बच्चे स्कूल के सामने बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल बच्चे लंबे समय से एक शिक्षक की मांग कर रहे हैं और शिक्षकों की मांग पूरी न होने के कारण आज सभी ने एक साथ मिलकर फैसला लिया और स्कूल में ताला लगा दिया गया है वही सामने बैठकर वह प्रदर्शन कर रहे हैं। पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत बाग मौके पर पहुंचे हुए हैं परंतु बच्चे उनकी एक नहीं सुन रहे अभी तक विद्यालय में ताला लगा हुआ है बच्चे बाहर बैठे हुए हैं, सभी कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं।

प्रमुख विषयों के शिक्षक नहीं
गांव के वरिष्ठ नागरिक कृष्णा राम साहू ने बताया कि हम लोग लंबे समय से प्रमुख विषयों के शिक्षकों की मांग कर रहे थे परंतु प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने अब तक किसी तरह का कोई ध्यान नहीं दिया इसलिए मजबूरी बस हमें इस तरह का कदम उठाना पड़ा और आज विद्यालय में छुट्टी नहीं बल्कि हड़ताल है यहां पर बच्चे विद्यालय के सामने शिक्षकों की मांग को लेकर बैठे हुए हैं और अधिकारी तो पहुंचे हैं परंतु उनके द्वारा किसी तरह का संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दिया जा रहा है बालकों में यह आक्रोश लंबे समय से पनप रहा था क्योंकि उनके बच्चे जो की शासकीय स्कूलों पर भरोसा करके जाते हैं उन्हें बेहतर शिक्षा शिक्षकों के अभाव में नहीं मिल पा रही थी।

नए भवन के टेंडर के बाद कैंसिल
गांव के उपसरपंच खेमराज गोस्वामी ने बताया कि भवन निर्माण की समस्या है पहले स्वीकृत हो गया है करके भवन को तोड़ दिया गया है लेकिन अब नए भवन के निर्माण को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसे लेकर उन्होंने हड़ताल स्थल पर आए एसडीएम प्रतिमा ठाकरे सहित शिक्षक अधिकारी के समक्ष रखी, उन्होंने बताया कि 34 साल से यहां हाइ स्कूल बना है लेकिन अब तक यहां पर भवन नहीं बन पाया है लगातार मांग कर रहे चंदे से भवन बनाया था उसे नए भवन की स्वीकृति और टेंडर जो तत्कालीन कांग्रेस सरकार में हुआ था उसे भाजपा सरकार में कैंसिल कर दिया गया।

उल्टा एसडीएम ने लगाई फटकार
जब उपसरपंच अपनी बातों को रख रहे थे तो एसडीएम ने उपसरपंच को उसकी राजनैतिक पार्टी के बारे में पूछ लिया जिसपर सभी नाराज़ हुए हम यहां अपनी समस्या को लेकर हैं किसी राजनीति के लिए नहीं वहीं जब शिक्षकों को जानकारी पूछी जा रही थी तो वो भी उल्टा सीधा जवाब दे रहे थे जहां एसडीएम ने डीईओ बीईओ और शिक्षकों की क्लास बच्चों के सामने लगा ली, शिक्षक ये कह रहे थे कि वो दौड़ दौड़ कर पढ़ाते हैं।

13 पोस्ट खाली
ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर शिक्षकों के 13 पोस्ट खाली हैं और यहां के शिक्षकों को विभाग द्वारा यहां पर अलग अलग जगह ट्रांसफर कर दिया जाता है यहां पर संस्कृत हिंदी सहित अन्य शिक्षकों की कमी है छात्र नमन ने बताया कि सभी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है चाहे प्राथमिक हो, माध्यमिक हो या फिर हाइ स्कूल सभी जगह शिक्षकों की कमी यहां पर है।

क्या कहता है प्रशासन
सुबह 10 बजकर 30 मिनट से बच्चों ने स्कूल में ताला लगाकर रखा हुआ था जिसके बाद से शिक्षा विभाग के साथ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भी मौके पर पहुंची इसके साथ ही सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रही घंटों तक यहां पर बच्चे प्रदर्शन करते रहे बच्चों की हड़ताल खत्म कराने यहां पर प्रशासन मेहनत करती रही दोपहर तक बच्चे बिस्किट और मिक्चर खाकर अडिग रहे।

“एसडीएम प्रतिमा ठाकरे ने कहा कि निष्कर्ष निकालने में हम लगे हुए हैं हम बच्चों की सुविधा के लिए ही यहां पहुंचे हुए हैं शिक्षकों की कमी पूरी की जाएगी और भवन निर्माण शासन स्तर का मामला है एसडीएम ने बताया कि यहां पर दो शिक्षकों की व्यवस्था वर्तमान में कर दी गई है और भवन निर्माण के लिए जो स्वीकृत है उसके लिए कार्य योजना बनाई जा रही है कि कैसे जल्द से जल्द निर्माण हो वही जिला शिक्षा अधिकारी ने भी प्रारंभिक शिक्षक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने के लिए व्यवस्था बनाए जाने की बात कही तब जाकर ग्रामीणों ने हड़ताल खत्म किया।

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