महानदी का उद्गम बनेगा पर्यटन स्थल, देश – विदेश में मिलेगी पहचान

धमतरी। छत्तीसगढ़ वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। महानदी जिसका उद्गम धमतरी जिले के सिहावा विकासखंड से होता है। अब इस स्थल को पर्यटन क्षेत्र के तौर पर विकसित करने की तैयारी की जा रही है। धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने यह अहम फैसला लिया है। जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया है। कलेक्टर का कहना है कि महानदी छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी नदी के साथ-साथ देश के बड़े नदियों में शुमार है। अब इसके उद्गम स्थल को हमने सजाने का फैसला किया है। इसे टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर संवारने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मुताबिक महानदी में छत्तीसगढ़ वासियों की आस्था है। देश की 10 सबसे बड़ी नदियों में महानदी शामिल है। उन्होंने कहा कि गर्व की बात है कि उसका उद्गम हमारे जिले से होता है। इस महानदी के उद्गम स्थल को सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए आप सभी की सहभागिता जरूरी है। इसलिए धमतरी में हम महानदी की शुरुआत जहां से होती है हम उसका विकास करेंगे। पर्यटन की दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण स्थल है। दूरदराज से लोग श्रृंगीऋषि, कर्णेश्वर मंदिर, गणेश घाट और महानदी के उद्गम स्थल को देखने रोजाना आते है। इन जगहों क़ो व्यवस्थित करने से जिले को पर्यटन के क्षेत्र में अलग पहचान मिलेगी।
धमतरी जिले के सिहावा को पर्यटन का केंद्र बनाया जाएगा। सिहावा के श्रृंगीऋषि पर्वत, कर्णेश्वर महादेव मंदिर और उसके परिसर तथा गणेश घाट को मिलाकर पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, सड़क विकास, एनीकट निर्माण, नदी के दोनों किनारों पर पीचिंग कार्य और वृक्षारोपण की योजना तैयार की गई है। कर्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मुख्य मार्ग पर बिजली व्यवस्था, मंच का निर्माण, मंदिर परिसर में पेयजल, शौचालय आदि बनाए जाएंगे। इन कामों को पूरा करने के लिए जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को शामिल किया जाएगा। जमीन संबंधी मामलों के लिए राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाएगा।
यहां पर्यटन स्थल बनाने के लिए बारिश के दिनों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। वृक्षारोपण के लिए सिहावा-नगरी के एसडीएम को स्थल चुनने की जिम्मेदारी दी गई है। मुरूमसिल्ली डैम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इस तरह के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि महानदी के तटों को साफ सुथरा करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आगामी दिनों में एक अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और मंदिर समिति के सदस्य, स्कूल कॉलेज के विद्यार्थियों सहित आसपास के गांव के लोगों को भी सहभागी बनाया जाएग।
कलेक्टर ने बैठक के बाद गणेश घाट, श्रृंगीऋषि पर्वत और आसपास के सभी क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान पर्यटन विकास से धमतरी जिले को एक नई पहचान देने का वादा किया गया। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार देने का दावा भी किया गया। इसी कड़ी में कलेक्टर ने मुलभीत सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पेयजल, शौचालय और सौंदर्यीकरण के कामों पर फोकस करते हुए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
इन महत्वपूर्ण कार्ययोजनाओं में में गणेश घाट के पास एनीकट निर्माण कर नदी में सालभर पानी उपलब्ध कराना, नौका विहार की सुविधा शुरू करना और दोनों किनारों पर वृक्षारोपण और सौन्दर्यीकरण करना शामिल हैं। साथ ही कर्णेश्वर महादेव मंदिर मंदिर परिसर में मुख्य मार्ग से मंदिर तक बिजली की वयवस्था करना, मेला स्थल पर मंच का निर्माण और मंदिर में आकर्षक चित्रकारी कर परिसर को मनोहारी बनाना की योजना है।
इसके अलावा इस कार्ययोजना में संगम स्थल पर धार्मिक संस्कारों के लिए समुचित व्यवस्था करना, श्रृंगीऋषि पर्वत के रास्ते में साइनेज लगाना सहित ओवरहैड टैंक बनाना और वहां के दुकानों का वयवस्थित विकास करना भी शामिल है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को शृंगीऋषि पर्वत तक सड़क चौड़ीकरण और नदी के किनारों पर 500 मीटर तक भूमि सर्वेक्षण कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।





