The Helplessness of Women: सालों की मेहनत पर एक झटके में ताला, बिलासपुर में महिलाओं का दर्द
आंखों में आंसू, दिल में दर्द- सफाई कर्मियों की बेबसी....

न्यायधानी बिलासपुर में गरीब और बुजुर्ग वर्ग के लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। (The Helplessness of Women) ताजा मामला सिरगिट्टी क्षेत्र से सामने आया है, जहां नगर निगम में वर्षों से काम कर रही महिलाओं को अचानक काम से बाहर कर दिया गया। इस घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आंखों में आंसू, दिल में दर्द- सफाई कर्मियों की बेबसी (The Helplessness of Women)
जानकारी के मुताबिक, साल 2017 से सफाई कर्मी के रूप में काम कर रही करीब 5 महिलाओं को वार्ड नंबर 11 की पार्षद केसरी इंगोले द्वारा बिना किसी ठोस कारण के काम से निकाल दिया गया। आरोप है कि इन महिलाओं को सिर्फ इसलिए हटाया गया क्योंकि वे कांग्रेस पार्षद के वार्ड से जुड़ी थीं। जबकि पीड़ित महिलाओं का कहना है कि वे नियमित रूप से अपना काम कर रही थीं।महिलाओं ने यह भी बताया कि उनकी जगह पार्षद अपने वार्ड की अन्य महिलाओं को काम पर रख रही हैं, जिनकी उम्र भी अधिक है।
इससे साफ तौर पर भेदभाव और पक्षपात के आरोप सामने आ रहे हैं।पीड़ित महिलाओं ने अपनी मजबूरी भी बताई। एक महिला ने कहा कि उसके पति लकवा से पीड़ित हैं और बेटा पोलियो ग्रस्त है, ऐसे में घर चलाने की पूरी जिम्मेदारी उसी पर है। काम छिन जाने से उनका जीवन संकट में आ गया है।महिलाओं का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत विधायक धरमलाल कौशिक से भी की, लेकिन जोन कमिश्नर भूपेंद्र उपाध्याय ने उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया।





