सुशासन तिहार 2025: शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया 8 से 11 अप्रैल तक
5 से 31 मई तक समस्याओं का निराकरण, शासन-जनता के बीच सेतु बनेगा अभियान...

छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है, जिसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान करना है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिकायत पेटियाँ स्थापित की गई हैं, जिनमें नागरिक अपनी समस्याओं को आवेदन के माध्यम से दर्ज कर सकते हैं। यह पहल शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य करेगी और जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया:
8 से 11 अप्रैल तक शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। नागरिकों को अपनी समस्या एक पत्र में लिखकर, उसमें अपना नाम, पता और पूरी जानकारी जोड़कर शिकायत पेटी में डालनी होगी। शिकायत पेटियाँ शहरी इलाकों में शासकीय कार्यालयों में और ग्रामीण इलाकों में पंचायत भवनों में स्थापित की गई हैं। इस दौरान नागरिकों से प्राप्त सभी शिकायतों का समुचित समाधान किया जाएगा।
समाधान प्रक्रिया:
जिला शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया 5 मई से शुरू होकर 31 मई तक जारी रहेगी। इस प्रक्रिया के तहत, नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा और समयबद्ध तरीके से उनका समाधान किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा, जिससे शासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके।
यह अभियान सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के साथ-साथ समस्याओं के समाधान के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
आखिरी तिथि: शिकायतें दर्ज करने की अंतिम तिथि 11 अप्रैल है, तो जल्द से जल्द अपनी समस्या दर्ज कराएं और इस अभियान का हिस्सा बनें।
संपर्क विवरण: ऑनलाइन आवेदन: sushasantihar.cg.nic.in
स्थानीय शिकायत पेटियाँ:
शहरी इलाकों में शासकीय कार्यालयों में
ग्रामीण इलाकों में पंचायत भवनों में
समाधान शिविर: 5 मई से 31 मई तक समाधान शिविरों का आयोजन होगा।





