आरटीई छात्रों से स्कूल में कराई पुताई और निर्माण कार्य, हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव से मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में आरटीई के तहत पढ़ने वाले छात्रों से निर्माण कार्य और पुताई कराने के आरोपों पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा सचिव से व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ जवाब तलब किया है।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने गरीब छात्रों से श्रम कराए जाने की खबर पर स्वत: संज्ञान लिया। आरटीई से जुड़े मामलों पर पहले से लंबित याचिकाओं के साथ इस प्रकरण को भी सुना गया। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि 23 फरवरी को ही जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की जा चुकी है।

आरोप है कि तिलसिवा स्थित स्कूल में आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों से सीमेंट, रेत मिलाकर निर्माण कार्य कराया गया और कक्षाओं की पुताई भी करवाई गई। परिजनों का कहना है कि काम करने से मना करने पर छात्रों को टीसी काटने की धमकी दी जाती थी। बच्चों के काम करते हुए फोटो और वीडियो साक्ष्य के रूप में प्रशासन को सौंपे गए हैं।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत लेकर स्कूल पहुंचने पर प्रिंसिपल ने अभद्र व्यवहार किया और कहा कि बच्चों को मुफ्त में बैग, किताबें और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं, इसलिए सवाल न उठाएं। साथ ही यह भी शिकायत की गई कि स्कूल की एक कक्षा का उपयोग प्राचार्य द्वारा निजी निवास के रूप में किया जा रहा है।

इसी तरह रायगढ़ जिले के एक प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं से रंगाई-पुताई और सफाई कार्य कराने का मामला भी सामने आया है। संबंधित प्रकरण में एक महिला कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है।

हाईकोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि निर्धारित तिथि तक विस्तृत जानकारी के साथ शपथपत्र प्रस्तुत किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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