NEET-UG 2026 पेपर लीक में बड़ा खुलासा, कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच में अब एक बड़े मल्टी-स्टेट नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो पुणे से शुरू होकर राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र तक फैला हुआ था।
CBI को पूछताछ में पता चला है कि पेपर की हार्ड कॉपी पहले खरीदी गई, फिर उसे WhatsApp ग्रुप, सोशल मीडिया और कोचिंग नेटवर्क के जरिए अलग-अलग राज्यों में फैलाया गया। जांच में सामने आया कि लीक पेपर नासिक से हरियाणा के गुरुग्राम पहुंचा और वहां से राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया।
CBI ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र के आरोपी शामिल हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरे मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ छात्रों को पैसे लेकर “गेस पेपर” बेचे गए थे। आरोपियों ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पेपर शेयर किया। CBI अब मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस की जांच कर रही है। डिलीट किए गए चैट और मैसेज भी रिकवर किए जा रहे हैं।
CBI की साइबर टीम IP एड्रेस और मोबाइल लोकेशन के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर किस-किस तक पहुंचा और किस समय शेयर किया गया। जांच एजेंसी बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की भी जांच कर रही है।
इस मामले में NTA अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है। CBI ने पेपर तैयार करने, छपाई, सुरक्षा और राज्यों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, 50 से ज्यादा ऐसे लोगों की पहचान हुई है जो परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े थे।
CBI अब उन छात्रों से भी पूछताछ कर रही है, जिनके पास कथित तौर पर लीक पेपर पहुंचा था। एजेंसी का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।





