महासमुंद में सड़कों से मवेशियों को हटाने और गौधाम योजना की तैयारी तेज

महासमुंद। जिले में सड़कों पर घूमते मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं और जनहानि को रोकने के लिए प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्गों से रोजाना मवेशियों को हटाया जा रहा है। टैग लगे पशुओं के मालिकों को समझाया जा रहा है कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर न छोड़ें, नियम न मानने वालों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है।
अब तक महासमुंद ब्लॉक से 1,500 रुपये, बागबाहरा से 10,000 रुपये, पिथौरा से 15,000 रुपये, बसना से 7,900 रुपये और सरायपाली से 6,750 रुपये, यानी कुल 49,150 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा 1,923 मवेशियों को सड़कों से हटाकर सुरक्षित जगह ले जाया गया, 810 मवेशियों को रेडियम बेल्ट पहनाए गए और 313 मवेशियों की टैगिंग की गई है।
इसी के साथ, छत्तीसगढ़ शासन जल्द ही गौधाम योजना शुरू करने जा रहा है। इसका उद्देश्य है – गौवंश का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, गौ उत्पादों को बढ़ावा, हरा चारा उत्पादन, रोजगार के अवसर और सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना।
गौधाम ऐसे स्थानों पर बनाए जाएंगे जहां सुरक्षित बाड़ा, पशु शेड, पानी और बिजली की सुविधा हो। पहले चरण में मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे गौठानों को चुना जाएगा। इन गौधामों का संचालन नजदीकी पंजीकृत गौशालाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, ट्रस्ट या किसान उत्पादक कंपनियों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड में सौंपा जाएगा।
इच्छुक संस्था या व्यक्ति उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, कचहरी चौक, कॉलेज रोड, महासमुंद में आवेदन कर सकते हैं। चयन जिला स्तरीय समिति करेगी और प्रस्ताव को छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग की मंजूरी के बाद संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।





