रायपुर: जामगांव में खुलेगा अत्याधुनिक आयुर्वेदिक दवा प्लांट, सीएम विष्णु देव साय करेंगे लोकार्पण

छत्तीसगढ़ सरकार अब आयुर्वेद को नया रूप देने जा रही है। दुर्ग जिले के जामगांव (एम) गांव में 29 जून को अत्याधुनिक आयुर्वेदिक औषधि प्रसंस्करण इकाई (Herbal Medicine Processing Unit) का उद्घाटन होगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे और अध्यक्षता वन मंत्री केदार कश्यप करेंगे।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद विजय बघेल, स्थानीय विधायकगण, वनोषधि बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, और वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा भी मौजूद रहेंगे। स्वामी कैलाशनंद गिरी जी महाराज (हरिद्वार) भी विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल होंगे।

क्या है ये आयुर्वेदिक इकाई?

इस इकाई को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ ने तैयार किया है।

कुल 27.87 एकड़ में फैली यह इकाई 36.47 करोड़ रुपये की लागत से बनी है।

यहां महुआ, साल बीज, गिलोय, अश्वगंधा जैसे वनोपजों से आयुर्वेदिक दवाएं जैसे चूर्ण, सिरप, तेल, टैबलेट और अवलेह बनाई जाएंगी।

कितना उत्पादन और रोजगार?

यहां हर साल करीब 50 करोड़ रुपये के उत्पाद तैयार होंगे।

इससे 1000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा, जिसमें महिलाएं बड़ी भूमिका निभाएंगी।

युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि उन्हें स्थानीय स्तर पर आजीविका मिले।

भंडारण और ब्रांडिंग

इकाई में 20,000 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता का वेयरहाउस है, जिससे वनोपजों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।

उत्पादों को छत्तीसगढ़ हर्बल्स नाम से देश-विदेश में बेचा जाएगा।

यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देती है। यह पहल न सिर्फ वनों के उत्पादों को वैज्ञानिक तरीके से उपयोग में लाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि वनवासियों और ग्रामीणों के जीवन को भी बेहतर बनाएगी।

छत्तीसगढ़ अब हरित उद्योग की दिशा में एक नई कहानी लिख रहा है।

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