छत्तीसगढ़ की सियासत में हलचल: टी.एस. सिंहदेव और उमंग सिंघार के बयान से गर्मी बढ़ी

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के बयानों से राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव ने मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा बयान दिया तो एमपी के नेता प्रतिपक्ष और केंद्रीय पर्यवेक्षक उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला।
टी.एस. सिंहदेव ने कहा- “मैं कभी नहीं कहूंगा कि मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनना है। मुख्यमंत्री आप नहीं बनना चाहते ऐसा कौन कहेगा। पहले भी मेरा नाम चला था। ढाई-ढाई साल के मुद्दे पर मीडिया ने मुझे बनाए रखा था। बाकी पार्टी का निर्णय अंतिम रहता है।”
उन्होंने डी.वाई. चंद्रचूड़ पर जूता फेंकने और हाईकोर्ट वकील के पोस्ट पर कहा- “यह मामला किसी समाज या जाति तक सीमित नहीं है। सर्वोच्च संवैधानिक पद का अनादर करना पूरे संविधान का अनादर है। राजनीति धर्म और जाति में उलझ गई है, जिससे देश का माहौल दूषित हो रहा है। वोट की राजनीति में समाज को बांटा जा रहा है। सारे हिंदू भाजपाई कैसे होंगे, मैं भी हिंदू हूं लेकिन मैं पैदा हुआ कांग्रेसी और मरूंगा भी कांग्रेसी।”
उमंग सिंघार ने कहा- “यहां के मुख्यमंत्री तो छत्तीसगढ़ के नहीं लगते, प्रधानमंत्री के असिस्टेंट लगते हैं। जनता के बीच उनका कोई संवाद नहीं है। जैसे मध्यप्रदेश में पर्ची वाले मुख्यमंत्री हैं वैसे ही छत्तीसगढ़ में भी पर्ची वाले मुख्यमंत्री हैं। अमित शाह के दौरे मुख्यमंत्री को बचाने के लिए हो रहे हैं या अडानी के खदानों के लिए? सरकार आम जनता के लिए नहीं, बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। बिजली बिलों से जनता पर बोझ डाला जा रहा है, स्मार्ट मीटर विदेशी कंपनियों के पास हैं, अडानी शेयर खरीद रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा- “2028 के लिए संगठन मजबूती से खड़ा रहेगा। नया जोश, नया नेतृत्व और नई सोच जरूरी है। बदलाव की आवश्यकता है। नई पीढ़ी को अवसर देने का समय है। जिन्हें चुनाव लड़ना है, उन्हें पद छोड़ना होगा और जो चुनाव नहीं लड़ेंगे वे संगठन में काम करेंगे।”
दोनों नेताओं के इन बयानों से छत्तीसगढ़ की सियासत में नई हलचल मच गई है। कांग्रेस के अंदर नेतृत्व और संगठन को लेकर बड़ा संकेत मिला है, वहीं भाजपा सरकार पर हमला भी तेज हो गया है।





