मरीन ड्राइव पर पार्किंग शुल्क लागू, विरोध के बीच महापौर ने दी सफाई

रायपुर के तेलीबांधा तालाब स्थित मरीन ड्राइव क्षेत्र में नगर निगम द्वारा पार्किंग शुल्क वसूले जाने का फैसला लागू कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद शहर में विरोध शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि मरीन ड्राइव एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, जहां आम नागरिक घूमने और समय बिताने आते हैं, इसलिए यहां शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए।

महापौर ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेस्टोरेंट और होटलों में हजारों रुपये खर्च करने वाले लोगों को पार्किंग शुल्क देने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कई लोग अपने वाहन अव्यवस्थित तरीके से खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात और पार्किंग व्यवस्था प्रभावित होती है। इसी को नियंत्रित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

नगर निगम के अनुसार, बाइक से आने वालों से 10 रुपये और कार से आने वालों से 20 रुपये पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है। फिलहाल दोपहर 12 बजे के बाद यह शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि सुबह से दोपहर 12 बजे तक पार्किंग पूरी तरह मुफ्त रहेगी। मॉर्निंग वॉक करने वालों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

निगम प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था 15 दिनों के ट्रायल के तौर पर लागू की गई है। इस अवधि के बाद लोगों की प्रतिक्रिया और स्थिति का आकलन कर आगे का फैसला लिया जाएगा।

इससे पहले वर्ष 2021 में भी यहां पार्किंग शुल्क की व्यवस्था लागू की गई थी, जिसका उस समय विरोध हुआ था और बाद में इसे वापस ले लिया गया था। उस दौरान भाजपा नेताओं ने भी इस फैसले का विरोध किया था।

वर्तमान व्यवस्था पर कांग्रेस ने भी आपत्ति जताई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नगर निगम केवल राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। उनका आरोप है कि पर्याप्त बजट न होने के कारण नगर निगम जनता से वसूली कर रहा है।

पार्किंग शुल्क को लेकर जारी विवाद के बीच नगर निगम का कहना है कि इसका उद्देश्य यातायात व्यवस्था सुधारना और अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण करना है। ट्रायल अवधि के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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