मेडिकल स्टूडेंट् की मौत पर दोस्तों ने किया प्रदर्शन, प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप

बिलासपुर। लगरा स्थित नर्सिंग कॉलेज की बीएससी नर्सिंग अंतिम वर्ष की छात्रा किरण वर्मा की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। किरण वर्मा की मौत यूनिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई, जिसके बाद से उसके दोस्तों और परिजनों में गहरी नाराजगी है। परिजनों का आरोप है कि किरण की मौत डॉक्टरों की लापरवाही का नतीजा है।

घटना के बाद प्रशासन ने यूनिटी हॉस्पिटल पर कार्रवाई करते हुए उसकी कई सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था। बावजूद इसके, मृतक छात्रा के दोस्तों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। शनिवार को किरण के दोस्तों ने एक बार फिर कलेक्ट्रेट का घेराव कर न्याय की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और अस्पताल को पूरी तरह से बंद करने की अपील की।

छोटी सी गांठ के ऑपरेशन में हुई बड़ी लापरवाही

प्रदर्शन के दौरान छात्रा जीनत परवीन ने कहा कि किरण को केवल एक छोटी सी थायराइड गांठ के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के बाद किरण की हालत बिगड़ने लगी, लेकिन डॉक्टरों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। लापरवाही इतनी बढ़ गई कि किरण को तीन दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया और अंततः उसकी मौत हो गई।

दोस्तों का कहना है कि डॉक्टर अंकित ठाकरार की लापरवाही से ही किरण की जान गई है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सीधे तौर पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, प्रदर्शन जारी रहेगा।

न्याय की मांग पर अड़े छात्र

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने एकजुट होकर नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। उन्होंने कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। छात्रों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन और दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।

प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित कर दी है। वहीं, पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है। लेकिन अब देखना होगा कि प्रशासन की कार्रवाई से छात्र-छात्राओं का आक्रोश कब शांत होगा और किरण वर्मा को न्याय कब मिलेगा।

 

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