छत्तीसगढ़ में आईटी क्रांति की नई शुरुआत, दुर्ग में प्रदेश का पहला आईटी पार्क

दुर्ग
छत्तीसगढ़ अब टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपने कदम तेजी से बढ़ा रहा है। आने वाले कुछ हफ्तों में राज्य को उसका पहला आईटी पार्क मिलने जा रहा है और वह भी दुर्ग में
यह आईटी पार्क न केवल राज्य के तकनीकी भविष्य को नई दिशा देगा, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार और अवसरों के नए द्वार भी खोलेगा।
आईआईटी भिलाई की देखरेख में तैयार हो रहा है पार्क
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का संचालन आईआईटी भिलाई की निगरानी में किया जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं और वैश्विक मानकों के साथ तैयार किया जा रहा यह आईटी पार्क, छत्तीसगढ़ को भारत के प्रमुख टेक हब की कतार में खड़ा कर सकता है।
देश-विदेश की बड़ी कंपनियों की सहभागिता
इजरायल की रेट-कॉम इंडिया और सिंगापुर की मेगाफोर्स एमएफसी जैसी विदेशी कंपनियों ने यहाँ अपने सेटअप स्थापित करने की सहमति दी है।
देश की 20 से अधिक बड़ी आईटी कंपनियाँ भी इस परियोजना में शामिल होने जा रही हैं।
अदानी ग्रुप, रिलायंस और टीसीएस जैसे दिग्गज कॉर्पोरेट हाउस के साथ बातचीत अंतिम चरण में है।
मुंबई, बेंगलुरु और पुणे के बाद अब दुर्ग
भारत के बड़े आईटी हब माने जाने वाले मुंबई, बेंगलुरु और पुणे के बाद अब दुर्ग भी इस कड़ी में शामिल होने को तैयार है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द की जाएगी।
10,000+ रोजगार और 1 लाख से ज्यादा छात्रों को लाभ
इस आईटी पार्क से 10,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
वहीं, 1 लाख से ज्यादा छात्र देश-विदेश की इन कंपनियों से इंटर्नशिप, नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट के जरिए अपने करियर को नई उड़ान दे सकेंगे।





