नगरीय निकाय चुनाव, मतदाताओं को लुभाने के लिए चल रहा मुर्गा- दारू पार्टी…

धमतरी। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव का माहौल चल रहा है। इसी बीच मतदाताओं को लुभाने और जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्षद- अध्यक्ष पद के प्रत्याशी वार्डों में दारू और मुर्गा बनाकर खा रहे हैं। ताजा मामला धमतरी जिले के कुरुद का है।

जानकारी अनुसार, जब से कुरुद नगर पंचायत में प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आबंटित हुए हैं तब से चुनाव प्रचार ने जोर पकड़ा है। वहीं इस बार यहां अध्यक्ष पद के लिए चार प्रत्याशी मैदान में होने के कारण इन दिनों, मजदूरों, रिक्शा, साउंड सर्विसेस वालों और टेंट- केंट वालों की बल्ले-बल्ले है।

रोज मुर्गा- दारू पार्टी
आपको बता दें कि जो लोग माह भर पहले बेरोजगार घर पर बैठे थे वे लोग चुनावी सीजन में प्रतिदिन 5 सौ से हजार भर कमा रहे हैं। मजदूर लोग दिन भर में वार्ड पार्षद प्रत्याशियों, अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों की टोली में शामिल हो झंडा बैनर के साथ प्रचार करने में मदद कर संख्या गिना रहे हैं। वहीं शाम-रात प्रचार विराम होने के बाद इन मेहनतकश प्रचार कर्मिर्यों को बकायदा मुर्गा और दारू देकर खुश भी किया जा रहा है। प्रत्याशियों के साथ ही आम लोग बर्ड फ्लू को नजरअंदाज कर बड़ी लापरवाही कर रहे हैं।

नाम न छापने की शर्त पर वार्ड क्रमांक 02, 06, 09, 11 और 13 के कुछ लोगों ने बताया कि, यहां कांग्रेस-भाजपा दोनों ही दलों के लोग रोज रात कार्यकर्ताओं और पेंडुलम की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं को खुश रखने मुर्गा-दारू की पार्टी करा रहे हैं। वहीं कांग्रेस की प्रचार रैली में झंडा लेकर चल रही एक महिला से पूछा कि, अभी तो आप भाजपा की रैली में झंडा उठाई थीं तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि, अभी कमाई के दिन हैं बाद में तो काम ढूंढ़ना पड़ेगा। उसने आगे कहा कि, शाम को दो-तीन पार्षदों ने प्रचार में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। आज मेरी 12 सौ से दो हजार तक की कमाई हो जाएगी।

आज की रात पैसे की बात
चुनाव प्रचार तो थम गया है, लेकिन कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मिलने का सिलसिला जारी है। हर दल अपने कार्यकर्ताओं को जरूरी दिशा निर्देश देते हुए जीत के मंत्र भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि, आज कयामत की रात है, प्रत्याशियों के दिलों की धड़कन तेज है। आज की रात से मतदाताओं पर नजर रखना शुरू किया जाएगा जो मतदान जारी रहने तक बरकरार रहेगा। अपना सारा दमखम लगाकर फतह की तैयारी में जुट जाएं। अभी न तो कोई नीति और न ही कोई सिद्धांत काम कर रहा है। दल, बल, छल लगाकर येन -केन प्रकारेन अपनी जीत सुनिश्चित करना ही एकमात्र मकसद रह गया है। प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी सारी ताकत झोंक दी है। अपने लाभार्थियों से संपर्क कर उन्हें सुबह सवेरे ही मतदान केंद्र तक भेजने का निर्देश कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है। स्वतंत्र औक निष्पक्ष चुनाव कराने को ले प्रशासन भी मुस्तैद है।

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