मां ने बेटियों की हत्या कर खुदकुशी की कोशिश की, हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा को सही ठहराया

बिलासपुर। महासमुंद जिले में अपनी ही दो बेटियों की चाकू से हत्या करने वाली मां को उम्रकैद की सजा मिली थी। अब हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही मानते हुए उसकी अपील खारिज कर दी है।
यह घटना 20 दिसंबर 2017 की है। महासमुंद के लमकेनी गांव में रहने वाली यमुना नाम की महिला ने अपनी दोनों बेटियों को चाकू से गोदकर मार डाला और खुद भी खुदकुशी की कोशिश की थी। वह तो बच गई, लेकिन दोनों बच्चियों की मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला का अपने पति से रिश्ता कई सालों से ठीक नहीं था। उसने बताया कि पति और बेटियां उसे ताने मारते थे, जिससे वह डिप्रेशन में आ गई थी और उसने यह कदम उठाया।
मामले में पुलिस ने चार्जशीट पेश की। ट्रायल कोर्ट ने 18 मार्च 2021 को महिला को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। महिला ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी।
हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है, लेकिन सारे सबूत आपस में जुड़कर ऐसा मजबूत मामला बनाते हैं कि कोई शक की गुंजाइश नहीं बचती। इसलिए ट्रायल कोर्ट का फैसला सही है और इसमें कोई बदलाव की जरूरत नहीं।
यह फैसला चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस विभू दत्त गुरु की बेंच ने सुनाया।





