धान खरीदी से पहले बिचौलियों की सक्रियता, ओडिशा से धान लाकर सीमावर्ती जिलों में अवैध भंडारण

गरियाबंद। धान खरीदी शुरू होने से पहले ओडिसा की सीमा से लगे जिलों में बिचौलिए फिर सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने ओडिसा से धान लाकर सीमावर्ती इलाकों में अवैध भंडारण शुरू कर दिया है ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी से पहले इसे बेचकर मुनाफा कमाया जा सके। इस पर प्रशासन भी सतर्क हो गया है और अलर्ट मोड में है।
बीती रात देवभोग तहसीलदार ने ओडिसा के नवरंगपुर जिले की सीमा से 400 बोरा से अधिक धान भरकर आ रहे एक ओडिसा पासिंग ट्रक को जप्त कर लिया। सूचना मिली थी कि यह ट्रक लगातार सीमावर्ती इलाके में धान डंप कर रहा था। पकड़े जाने पर ट्रक चालक वैधानिक दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इस कार्रवाई से प्रशासन ने बिचौलियों की सक्रियता पर कड़ा संदेश दिया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इलाके के कृषि रकबे में प्रति एकड़ अधिकतम 10 से 12 क्विंटल धान की पैदावारी होती है, जबकि सरकार 20 क्विंटल तक समर्थन मूल्य पर खरीदी करती है। इस अंतर को पूरा करने के लिए किसान और बिचौलिए ओडिसा से धान लाते हैं। ओडिसा में दोनों सीजन में धान की बंपर पैदावारी होती है, इसलिए कम कीमत में धान खरीदकर बिचौलिए इसे सीमावर्ती जिलों में जमा कर देते हैं और मुनाफा कमाते हैं।
प्रशासन ने कहा है कि सीमावर्ती इलाकों में अब पैनी निगरानी रखी जा रही है। धान खरीदी केंद्रों पर अवैध भंडारण और बिचौलियों की हरकतों पर नकेल कसने के लिए अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही ट्रकों और अन्य परिवहन साधनों की नियमित जांच भी शुरू कर दी गई है।
इस स्थिति से किसानों और आम जनता को भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी तरह की अनियमितता न हो और अवैध मुनाफाखोरी पर नियंत्रण रखा जा सके।





