मायावती का बीजेपी पर हमला: कानून-व्यवस्था और आरक्षण पर उठाए सवाल

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी के आठ साल के शासन ने जनता की उम्मीदों को पूरी तरह से तोड़ दिया है। मायावती का कहना है कि 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि लोग इस स्थिति से बहुत दुखी हैं और सरकार को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
संविधान में बदलाव के खिलाफ संघर्ष को तैयार: मायावती
मायावती ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी पार्टी अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए संविधान में बदलाव नहीं कर सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएसपी संविधान में किसी भी तरह के बदलाव का पुरजोर विरोध करेगी, खासकर आरक्षण को लेकर। मायावती ने कहा, “हम अपने देश के संविधान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं देंगे। अगर इसके लिए संघर्ष की जरूरत पड़ी, तो बीएसपी इसके लिए पूरी तरह से तैयार है।” उनका मानना है कि डॉ. बीआर अंबेडकर को मनुस्मृति का पूरा ज्ञान था और उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए बीएसपी की स्थापना की गई है ताकि दुखी और पीड़ित लोगों को न्याय दिलाया जा सके।
बीएसपी में योग्यता और मेहनत को प्राथमिकता
पार्टी के संगठन को लेकर मायावती ने साफ कर दिया कि जो भी पार्टी के हित में काम करेगा, वही आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि उनके लिए भाई-बहन और रिश्ते-नाते केवल बहुजन समाज के लोगों के बराबर ही हैं। मायावती ने कहा, “बहुजन समाज से जो भी पार्टी की भलाई के लिए काम करेगा, उसे पार्टी में आगे बढ़ाया जाएगा। रिश्ते-नाते पार्टी के हित में आड़े नहीं आएंगे।”
मायावती के इन बयानों से साफ है कि वे संविधान और आरक्षण के मुद्दों पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं हैं और बीजेपी की सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रही हैं। अब देखना होगा कि बीजेपी इस पर क्या जवाब देती है।





