छत्तीसगढ़ भाजपा में बड़ा बदलाव, कोर कमेटी में नए चेहरों की एंट्री

छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है। पार्टी की कोर कमेटी में कई नए नेताओं को शामिल किया गया है, जबकि कुछ पुराने चेहरों को बाहर किए जाने की चर्चा तेज हो गई है। मंत्री ओपी चौधरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल को कोर कमेटी में जगह दी गई है। वहीं कई वरिष्ठ नेताओं की बैठक से दूरी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
कोर कमेटी में बदलाव से बढ़ी सियासी हलचल
भाजपा की कोर कमेटी बैठक में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह और गौरीशंकर अग्रवाल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुए। इसके बाद पार्टी में बड़े संगठनात्मक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कोर ग्रुप के पुनर्गठन की पुष्टि भी की है।
बैठक से पहले प्रदेश पदाधिकारियों की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें गांव और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
संगठन और सरकार दोनों में बदलाव की चर्चा
भाजपा के भीतर सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर बदलाव की चर्चा जोरों पर है। पार्टी सरकार के ढाई साल पूरे होने से पहले संगठनात्मक और राजनीतिक संतुलन साधने की तैयारी में दिखाई दे रही है। प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के कार्यकाल को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश में संगठन और सरकार के प्रदर्शन को लेकर फीडबैक और सर्वे कराया है। इसी आधार पर आगे की रणनीति बनाई जा रही है। माना जा रहा है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए युवा और आक्रामक चेहरों को आगे लाने की तैयारी कर रही है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा को राष्ट्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में तेज है। कुछ जगहों पर अरुण साव का नाम भी सामने आ रहा है। पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है, जिन्होंने चुनावी प्रबंधन और संगठन विस्तार में प्रभावी भूमिका निभाई हो।
महिला नेतृत्व और मंत्रिमंडल विस्तार पर फोकस
राजनीतिक चर्चाओं के बीच महिला डिप्टी सीएम फॉर्मूले की भी चर्चा तेज हो गई है। लता उसेंडी और रेणुका सिंह जैसे नाम संभावित चेहरों के तौर पर सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि भाजपा महिला, आदिवासी और ओबीसी वर्ग के सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
वहीं मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मंत्रियों की जगह नए चेहरों को मौका मिल सकता है। जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं उनमें भावना बोहरा, पुरंदर मिश्रा, सुशांत शुक्ला और सरगुजा क्षेत्र की किसी आदिवासी महिला विधायक का नाम प्रमुख बताया जा रहा है।
भाजपा अब सिर्फ सरकार चलाने के बजाय 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी को ध्यान में रखते हुए संगठन और नेतृत्व में समय रहते बदलाव की रणनीति पर काम करती नजर आ रही है।





