केंदा–कारीआम सड़क बदहाल, गड्ढों के बीच जान जोखिम में डालकर सफर

बिलासपुर।बिलासपुर जिले की केंदा–कारीआम सड़क इन दिनों बेहद खराब हालत में है। इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। सड़क जगह-जगह टूट चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढों ने इसे खतरनाक बना दिया है।
केंदा से कारीआम तक का सफर अब किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है। वाहन पत्थरों और मलबे पर उछलते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। रात के समय हालात और भी खराब हो जाते हैं, क्योंकि अंधेरे और धूल के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते।
दुपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ भारी वाहनों के लिए भी यह मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है। लगातार शिकायतों के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़क मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से पुराने डामर को हटाकर सड़क को समतल किया जा रहा है और गड्ढों को भरा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पैचवर्क फिलहाल अस्थायी राहत देगा और महीने के अंत तक सड़क को चलने लायक बना दिया जाएगा। सड़क खराब होने के कारण अमरकंटक और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जाने वाले कई वाहन अब बेलगहना–कोंचरा मार्ग से जा रहे हैं, जिससे वहां भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है।
भविष्य में स्थायी समाधान के लिए एनएच-45 पर एलीवेटेड हाईवे बनाने की योजना है। 219 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस हाईवे के तैयार होने के बाद घाटी के करीब 10 खतरनाक मोड़ खत्म हो जाएंगे और सफर ज्यादा सुरक्षित हो सकेगा।
फिलहाल लोगों को उम्मीद है कि चल रहे मरम्मत कार्य से उन्हें जल्द ही गड्ढों और खराब सड़क से राहत मिलेगी।





