अंतरराज्यीय धान तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, नौ लोगों पर मामला दर्ज

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में राजस्व और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय धान तस्करी के एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है, जिनमें से चार को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार तीन राज्यों की सीमा से लगे इलाके में अवैध रूप से धान का परिवहन किया जा रहा था। कार्रवाई की शुरुआत एक पिकअप वाहन की जब्ती से हुई, जिसमें भारी मात्रा में धान ले जाया जा रहा था। पूछताछ के दौरान उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई लोगों की संलिप्तता सामने आई।
जांच में सामने आया कि आरोपित किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री कर अवैध मुनाफा कमा रहे थे। इससे पहले भी इसी तरह के मामलों में कुछ लोगों को जेल भेजा जा चुका है और उनके पास से किसानों से जुड़े दस्तावेज व हस्ताक्षरित चेक जब्त किए गए थे।
मुख्य भूमिका निभाने वाले कुछ आरोपितों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि अन्य सहयोगियों पर अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई की गई। आरोपितों को छुड़ाने की कोशिश करने वाले दो लोगों पर भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
प्रशासन ने बताया कि जिले में अब तक 115 प्रकरणों में 14 हजार क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया जा चुका है, जिसकी कीमत चार करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इस दौरान अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए गए दर्जनों वाहनों को भी जब्त किया गया है।
प्रशासन ने धान तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए सीमावर्ती इलाकों और चेक पोस्टों पर निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही गांव-गांव में वालंटियर तैनात किए गए हैं, ताकि तस्करी से जुड़ी जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुंचाई जा सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना डर के अवैध गतिविधियों की सूचना दें।





