Unique custom: तंबोली परिवार में बहुओं ने सास की मूर्ति बनवाकर निभाया अनमोल रिश्ता, निधन के बाद भी करती हैं रोज़ पूजा

Unique custom: बिलासपुर। जब बात सास-बहू के रिश्ते की होती है तो अक्सर खटपट और तनाव की कहानियाँ सुनने को मिलती हैं, लेकिन बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित तंबोली परिवार की कहानी इससे बिलकुल अलग और प्रेरणादायक है। इस परिवार की बहुओं ने अपनी सास गीता देवी को न केवल माँ का दर्जा दिया, बल्कि उनके स्वर्गवास के बाद उनका स्थान घर के मंदिर में एक प्रतिमा के रूप में स्थापित कर दिया।

गीता देवी बड़े घर से ताल्लुक रखती थीं, लेकिन जीवनभर सादगी से रहीं। उन्होंने बहुओं को हमेशा बेटियों जैसा सम्मान और पूरी आज़ादी दी। यही कारण रहा कि उनके जाने के बाद भी परिवार बिखरा नहीं, बल्कि और भी अधिक मजबूती से जुड़ गया। तंबोली परिवार की बहुएँ आज भी गीता देवी की मूर्ति की पूजा करती हैं और पूरे परिवार को एकजुट रखते हुए उनकी शिक्षाओं और मूल्यों पर चल रही हैं। यह कहानी सास-बहू के रिश्ते को नया आयाम देती है और बताती है कि जब प्रेम और समझदारी हो, तो हर रिश्ता एक मिसाल बन सकता है।

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