पुरन्दर प्रमोटर्स एवं डेवलपर्स प्राइवेट के संचालकों पर FIR, दूसरे की जमीन नगर निगम में रखी गिरवी; बढ़ेगी मुश्किलें

रायपुर। राजधानी रायपुर के आजाद चौक थाना पुलिस ने जमीन धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में पुरन्दर प्रमोटर्स एवं डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के बिल्डर मुकेश अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल (पिता-पुत्र) समेत अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 34 के तहत मामला दर्ज किया है।
शिकायत चौबे कॉलोनी निवासी प्रकाश की ओर से दर्ज कराई गई है। प्रकाश की शिकायत के अनुसार, उनकी और उनके एक परिचित की जमीन को बिल्डरों ने फर्जी विक्रय विलेख तैयार कर अपना बताया और पाम वलाजियो प्रोजेक्ट के लिए रायपुर नगर निगम में ईडब्ल्यूएस (EWS) हिस्से के रूप में बंधक रख दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2017 में प्रकाश और पुरन्दर प्रमोटर्स के बीच सड्डू स्थित 60 हजार वर्गफीट जमीन को जॉइंट वेंचर में डेवलप करने का समझौता हुआ था। इसके बदले प्रकाश को फ्लैट, मकान और राशि देने की बात तय हुई थी। इस जमीन को नगर निगम में ट्रांसफर किया जाना था। 8 जून 2018 को कंपनी और रिपोर्टकर्ता के बीच इकरारनामा हुआ, और नवंबर 2017 से 26 सितंबर 2019 तक प्रकाश को 2 करोड़ 70 लाख 64 हजार 220 रुपये दिए गए।
हालांकि, 2021 तक उक्त जमीन पर कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इसके बाद आपसी सहमति से प्रकाश ने 11 मई 2021 को पूरी राशि वापस कर दी और मौखिक रूप से इकरारनामा निरस्त कर दिया गया। मगर आरोप है कि इसके बावजूद भी आरोपियों ने उक्त ज़मीन को अपनी बताकर नगर निगम में 16 सितंबर 2022 को विक्रय विलेख प्रस्तुत किया और पाम वलाजियो प्रोजेक्ट के लिए ईडब्ल्यूएस में बंधक रख दिया।
प्रकाश का कहना है कि उन्होंने कभी भी इस ज़मीन का विक्रय आरोपियों को नहीं किया और न ही कोई विक्रय विलेख तैयार हुआ। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जमीन से जुड़े धोखाधड़ी के इस मामले में बिल्डरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।





