बिलासपुर में जल संकट की आशंका, पुराने जल स्रोतों के संरक्षण की मांग तेज

बिलासपुर जिले में आने वाले दिनों में जल संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। वर्षा की कमी और भू-जल स्तर में लगातार गिरावट से हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। इसको लेकर सामाजिक संगठन ‘अंकुश सपोर्ट & वेलफेयर एसोसिएशन’ ने जिला प्रशासन से पुराने जल स्रोतों के जीर्णोद्धार की मांग की है।
शहर और ग्रामीण इलाकों में मौजूद पुराने कुएं, तालाब, पोखर और जलाशय जो कभी मुख्य जल आपूर्ति के साधन थे, अब उपेक्षा की वजह से जर्जर हालत में हैं। संगठन के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए सुझाव दिया कि बारिश से पहले इन जल स्रोतों की सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू किया जाए।
संगठन का कहना है कि यदि समय रहते सही कदम उठाए जाएं, तो गर्मियों में होने वाले गंभीर जल संकट को काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही उन्होंने जिले के लिए एक स्थायी जल संरक्षण योजना तैयार करने की अपील भी की है।
प्रतिनिधियों का मानना है कि जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन सिर्फ आज की जरूरत नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बेहद जरूरी है। यदि प्रशासन और समाज मिलकर इस दिशा में काम करें, तो जिले को जल संकट से बचाया जा सकता है।





