Easter: मसीह समाज ने हर्षोल्लास के साथ मनाया प्रभु के जीवित होने का पर्व…
पादरी ने दिया प्रभु यीशु के त्याग और पुनरुत्थान का संदेश 'सत्य की कभी हार नहीं होती'....

मसीह समाज द्वारा ईस्टर का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया, (Easter) जिसके उपलक्ष्य में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय चर्च के पादरी ने प्रभु यीशु मसीह के जीवन और उनके बलिदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने मानवता के कल्याण के लिए असीम पीड़ा सही। पास्टर सलीन ने कहा की कि ईसा मसीह ने अपने जीवन के अंतिम वर्षों में शिष्यों के साथ मिलकर बीमारों की सेवा की और समाज को प्रेम व शांति का मार्ग दिखाया।
पादरी ने दिया प्रभु यीशु के त्याग और पुनरुत्थान का संदेश ’सत्य की कभी हार नहीं होती’, (Easter)
पादरी ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि सूली पर चढ़ाए जाने के तीसरे दिन यीशु का पुनर्जीवित होना इस बात का प्रमाण है कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है और मृत्यु के बाद भी जीवन का अस्तित्व है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें कठिन समय में घबराने के बजाय ईश्वरीय शक्ति पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि ईस्टर का पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है। सभा का समापन विश्व शांति की प्रार्थना और एक-दूसरे को पर्व की बधाई देने के साथ हुआ





