Deception Of Investors: निवेशकों से धोखा,फर्जी कंपनी का मामला फिर उजागर
करोड़ों की ठगी का आरोप

फर्जी कंपनी में निवेश कर ठगी का एक मामला एक बार फिर सामने आया है, (Deception Of Investors) जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस मामले में एक सोसाइटी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित आवेदक का कहना है कि उन्होंने 28 जनवरी 2006 को संबंधित कंपनी या सोसाइटी में पॉलिसी, बॉन्ड या एग्रीमेंट के तहत अपनी मेहनत की कमाई जमा की थी।
फर्जी कंपनी में निवेश का झांसा
कंपनी ने तय समय पर राशि लौटाने का वादा किया था और इसकी परिपक्वता तिथि 9 जून 2016 निर्धारित थी। उस समय लगभग 11 लाख रुपये से अधिक की मैच्योरिटी राशि मिलने की बात कही गई थी।पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने यह भरोसा दिलाया था कि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समय ब्याज और लाभांश सहित पूरी राशि वापस की जा सकती है। लेकिन परिपक्वता के कई वर्ष बीत जाने के बाद भी बार-बार मांग करने पर पैसा नहीं लौटाया गया।
संगठित अपराध का आरोप,बड्स एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग, (Deception Of Investors)
इसके बजाय निवेशकों को लगातार झूठे आश्वासन देकर गुमराह किया जाता रहा।आवेदको का कहना है कि यह पूरा मामला सुनियोजित आपराधिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता 2023 और बड्स एक्ट 2019 की कई धाराओं के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इसे संगठित अपराध बताया है। पीड़ित ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषी प्रबंधकों, निदेशकों और जिम्मेदार अधिकारियों को तलब कर तय समय-सीमा के भीतर जमा राशि ब्याज सहित वापस कराई जाए।
साथ ही यह भी मांग की गई है कि यदि आदेशों की अवहेलना होती है तो आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर मामला न्यायालय में भेजा जाए। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। देखना होगा कि इस मामले में पीड़ित निवेशकों को कब और कैसे न्याय मिलता है।





