लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया PDS का मुद्दा, बोले-छत्तीसगढ़ देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़

नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ जैसे विकेन्द्रीकृत खरीद प्रणाली (DCP) अपनाने वाले राज्य देश की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह बात लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को लोकसभा में कही। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से गरीबों को मिलने वाले राशन की गुणवत्ता और पारदर्शिता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया और केंद्र सरकार से ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ की जमीनी पहुंच तथा खाद्यान्न के रिसाव (लीकेज) को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों पर जवाब मांगा।
डिजिटल तकनीक से रुका भ्रष्टाचार, 2.7 करोड़ लोग लाभान्वित
चर्चा के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 82 लाख से अधिक राशन कार्ड सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से लगभग 2.7 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में 99.9 प्रतिशत राशन कार्ड आधार से जोड़े जा चुके हैं, जिससे फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगी है।
‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ और ‘मेरा राशन ऐप’ जैसी डिजिटल पहलों ने वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया है।
छत्तीसगढ़ को मिली रिकॉर्ड खाद्य सब्सिडी
सांसद ने लोकसभा में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को दी गई खाद्य सब्सिडी का विस्तृत विवरण भी रखा। विकेन्द्रीकृत खरीद प्रणाली के तहत राज्य को पिछले वर्षों में निरंतर वित्तीय सहयोग मिला है-
- 2021-22: 9,047.77 करोड़ रुपये
- 2022-23: 7,574.81 करोड़ रुपये
- 2023-24: 5,236.13 करोड़ रुपये
- 2024-25: 5,695.55 करोड़ रुपये
- 2025-26 (30 जनवरी तक): 2,083.64 करोड़ रुपये
गुणवत्ता से समझौता नहीं: केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
सांसद के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया ने कहा कि खाद्यान्न की खरीद से लेकर वितरण तक FAQ (Fair Average Quality) मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2021 से दिसंबर 2025 के बीच प्राप्त 30 हजार से अधिक शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए राज्यों को निर्देश दिए गए हैं।
‘अंत्योदय’ की प्रतिबद्धता का प्रमाण
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा,
“छत्तीसगढ़ जैसे राज्य देश की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 2 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क राशन मिलना मोदी सरकार की ‘अंत्योदय’ के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की डिजिटल निगरानी व्यवस्था और गुणवत्ता नियंत्रण नियमों से छत्तीसगढ़ के अंतिम व्यक्ति तक शुद्ध और पर्याप्त राशन पहुंचना सुनिश्चित होगा, साथ ही विकेन्द्रीकृत खरीद प्रणाली में राज्य की भूमिका और मजबूत होगी।





