स्मार्ट सिटी बिलासपुर में गंदगी का संकट, जोरापारा में नाले उफान पर – सिस्टम फेल, रहवासी परेशान

बिलासपुर। स्मार्ट सिटी का दर्जा और स्वच्छता में देश में दूसरा स्थान, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सरकंडा के जोरापारा इलाके में हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोग गंदगी और जलभराव के बीच रहने को मजबूर हैं। नालियों की निकासी सही नहीं होने से गंदा पानी घरों में घुसने लगा है और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
जोरापारा तालाब क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। नाले और तालाब की सही सफाई न होने से मोहल्ले में हर तरफ गंदा पानी, बदबू और कीचड़ फैला हुआ है। लोग रोजाना इस परेशानी से गुजर रहे हैं और समस्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है।
इस गंभीर स्थिति को लेकर शिवसेना प्रमुख रेवती यादव ने विधायक, नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर को लिखित शिकायत दी है। उनका कहना है कि कई बार आवेदन और शिकायत के बाद भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नाराजगी जताते हुए उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

रेवती यादव ने मांग की है कि मोहल्ले की सभी नालियों को ढलान के साथ बड़ी नालियों से जोड़ा जाए, जर्जर सड़कों की मरम्मत की जाए और जोरापारा तालाब की नियमित सफाई सुनिश्चित हो। उन्होंने साफ कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सवाल बड़ा है,देश में स्वच्छता रैंकिंग में दूसरा स्थान पाने वाला बिलासपुर अपने ही मोहल्लों में फैली इस बदहाली पर कब ध्यान देगा? अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस चेतावनी का कितना गंभीरता से संज्ञान लेता है और क्या कदम उठाता है।





