उत्तराखंड में बादल फटने से हर्षिल में झील बनी, धराली में मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश जारी

दिल्ली। उत्तराखंड के हर्षिल में 5 अगस्त को बादल फटने से आई भयंकर बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस बाढ़ के कारण हर्षिल में एक झील बन गई है और धराली गांव मलबे के नीचे दब गया है।
धराली में मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश शुरू हो गई है। सेना एडवांस पेनिट्रेटिंग रडार का उपयोग कर रही है, जो बिना खुदाई के जमीन के नीचे दबे लोगों या शवों का पता लगा सकता है। यह रडार मिट्टी, पत्थर, धातु और हड्डियों को अलग-अलग रंगों से दिखाता है और 20-30 फीट तक नीचे की जांच कर सकता है।
धराली में बाढ़ के कारण गांव लगभग 34 सेकंड में जमींदोज हो गया था। अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 100 से 150 लोग लापता हैं, जो मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। बचाव कार्य में सेना, प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां जुटी हैं।
घटना के बाद तीन दिन तक इलाके में मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद रही, लेकिन अब इसे बहाल कर दिया गया है, जिससे बचाव कार्य में तेजी आई है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उत्तरकाशी में जनरेटर लाया गया है और धराली में बेली ब्रिज का निर्माण शुरू हो चुका है, जो दो दिनों में पूरा हो जाएगा।
धराली के आसपास करीब 80 एकड़ क्षेत्र में 20 से 50 फीट तक मलबा जमा है। मलबा हटाने के लिए केवल तीन जेसीबी मशीनें हैं। हाईटेक थर्मल सेंसर और बड़ी मशीनें भटवाड़ी में रास्ता बंद होने के कारण दो दिनों से नहीं पहुंच पा रही हैं। हर्षिल से धराली तक की सड़क कई जगहों पर टूट चुकी है, जिससे राहत कार्य में और देरी हो सकती है। रास्ता खुलने में अभी 2-3 दिन लगने की संभावना है।





