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Chhath Festival: चार दिन की तपस्या का समापन

Chhath Festival: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूरा हुआ छठ व्रत

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के अरपा तट पर मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। (Chhath Festival) एशिया के सबसे बड़े छठ घाट पर हजारों दीपों की रोशनी और गूंजते छठ गीतों के बीच छठ महापर्व की छटा देखते ही बन रही थी। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर 4 दिवसीय छठ पूजा का समापन किया गया।

बिलासपुर का अरपा तट बना आस्था का केन्द्र,Chhath Festival

सुबह करीब तीन बजे से ही गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ श्रद्धालु अरपा नदी के घाट की ओर बढ़ने लगे। सिर पर दउरी, गन्ना और प्रसाद लेकर महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में छठ घाट पहुंचीं। व्रतियों ने घाट पर पहुंचकर पहले छठी मइया की वेदी बनाई और पूजा-अर्चना शुरू की। पूजा के बाद व्रतियों ने अरपा नदी में दीपदान किया और पानी में उतरकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान सूर्यदेव के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु घंटों तक बेसब्री से इंतजार करते रहे। माना जाता है कि छठ महापर्व पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।आस्था का ये पर्व चार दिनों तक चलता है, और इसका समापन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होता है। कई महिलाएं अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद घर से नंगे पांव या जमीन पर लोटते हुए घाट तक पहुंचीं। वहीं नवविवाहित महिलाएं पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं।

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दिया सूर्य को अर्घ्य,Chhath Festival

छठ पूजा समिति ने व्रतियों के लिए विशेष व्यवस्था की थी। घाट पर 101 लीटर दूध से अर्घ्य की तैयारी की गई थी। (Chhath Festival) व्रतियों के कपड़े बदलने के स्थान, भोजन और रहने की सुविधा भी समिति द्वारा की गई थी। अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी इस भव्य आयोजन में भाग लिया।अरपा तट का लगभग एक हजार मीटर लंबा यह घाट श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। अनुमान है कि इस बार करीब 50 हजार लोग छठ घाट पहुंचे थे। पुल से खड़े होकर कई दर्शक इस अद्भुत नजारे की तस्वीरें और सेल्फी लेते नजर आए।इस मौके पर शहर विधायक अमर अग्रवाल और महापौर पूजा विधानी भी छठ घाट पहुंचे। विधायक अग्रवाल ने कहा कि सूर्य ही एकमात्र देवता हैं जो प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर की पहचान अब भक्ति और संस्कृति के इस पर्व से जुड़ गई है।महापौर पूजा विधानी ने नगर निगम और जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं।

सुबह की लालिमा में झलका विश्वास, बिलासपुर में आस्था के रंग में रंगा छठ पर्व

दीपों की झिलमिल रोशनी, गूंजते छठ गीत और श्रद्धा से झुके हुए सिर बिलासपुर का अरपा तट आज सचमुच भक्ति की गंगा में डूबा नजर आया। यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक बन चुका है।

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