Memorandum to the government: CG दिव्यांग सेवा संघ ने शासन को सौंपा ज्ञापन, फर्जी प्रमाणपत्र धारियों पर सख्ती और 5 हजार पेंशन देने की मांग

Memorandum to the government: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने दिव्यांगजनों की नियुक्ति एवं उनके अधिकारों को लेकर गंभीर मुद्दे उठाते हुए शासन को ज्ञापन सौंपा है। संघ की ओर से बताया गया कि विभिन्न विभागों में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर नियुक्तियां ली जा रही हैं, जिससे वास्तविक दिव्यांगजनों का हक मारा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सभी विभागों में चयनित अभ्यर्थियों की दिव्यांगता का परीक्षण राज्य चिकित्सा बोर्ड से कराकर फर्जी प्रमाण पत्रधारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। कृषि, उद्यान, जल संसाधन, लोक निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत विभिन्न विभागों में फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए हैं। संघ के सदस्यों की मांग है कि सभी नियुक्तियों में दिव्यांगता प्रमाण पत्र का पुनः परीक्षण कराया जाए।

दिव्यांगजनों के आरक्षित पदों पर आरटीई केवल सत्यापित दिव्यांगों को ही नियुक्त किया जाए। फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने वाले डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। दिव्यांग युवतियों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जैसी योजनाओं में प्राथमिकता मिले। दिव्यांगों को न्यूनतम 5000 रुपए मासिक पेंशन दी जाए। सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर विशेष भर्ती अभियान चलाकर दिव्यांगों को शामिल किया जाए।

सदस्यो की मांग है कि 1 नवंबर 2000 से पूर्व पदस्थ दिव्यांग कर्मचारियों को आरक्षण का लाभ तुरंत दिया जाए। दिव्यांगजनों के लिए गए ऋणों की माफी की जाए, जिसकी राशि लगभग 10–15 करोड़ बताई गई है। छ.ग. दिव्यांग सेवा संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि इन बिंदुओं पर तत्काल कार्यवाही हो ताकि दिव्यांगजनों को उनका वाजिब अधिकार मिल सके।

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