Say Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की बैठक 30 अप्रैल को, लिए जा सकते हैं अहम फैसले

Say Cabinet Meeting: रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कल कैबिनेट की अहम बैठक होने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 30 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे अटल नगर नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों की संभावना जताई जा रही है, जिनमें श्रमिकों के हित में निर्णय और छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। बता दें कि मध्यप्रदेश में ट्रांसफर पॉलिसी लागू हो गई है। छत्तीसगढ़ में भी ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने को लेकर कैबिनेट में चर्चा हो सकती है।
ये फैसला लिया गया था पिछली बैठक में
NIFT का नया कैंपस नवा रायपुर में: राज्य सरकार ने नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के नए कैंपस की मंजूरी दी है, जिसकी अनुमानित लागत 271.18 करोड़ रुपये होगी। इस फैसले से प्रदेश के युवाओं को फैशन शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलेंगे।
प्रतियोगी परीक्षाओं में शुल्क वापसी: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC), व्यापम और विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में स्थानीय अभ्यर्थियों से ली गई परीक्षा शुल्क राशि वापस की जाएगी। इस कदम से योग्य उम्मीदवारों की परीक्षा में उपस्थिति बढ़ेगी।
व्यापारियों को राहत: छोटे व्यापारियों को 10 साल से पुराने लंबित मामलों में 25,000 रुपये तक की वैट देनदारी माफ करने का फैसला लिया गया है। इससे 40,000 से अधिक व्यापारियों को लाभ मिलेगा और 62,000 से अधिक मुकदमों में कमी आएगी।
जैव अपशिष्ट से बायो-CNG का उत्पादन: जैव अपशिष्ट और कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए बायो-CNG संयंत्रों की स्थापना के लिए रियायती दर पर सरकारी भूमि आवंटन की सहमति दी गई है। इससे स्वच्छता और ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
सहकारी शक्कर मिलों से शक्कर की खरीद: 2025-26 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत शक्कर की खरीद राज्य की सहकारी शक्कर मिलों से की जाएगी। इससे सहकारी मिलों को प्रोत्साहन मिलेगा और किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।
BEML मैन्युफैक्चरिंग प्लांट: भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि टोकन दर पर दी जाएगी, जिससे रोजगार और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।





