लोकसभा में बृजमोहन अग्रवाल की बड़ी मांग: डिजिटल गिरफ्तारी फ्रॉड रोकने के लिए बैंकिंग सिस्टम में सेफ्टी होल्ड गाइडलाइंस लागू हों

रायपुर/नई दिल्ली। रायपुर के सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में “डिजिटल अरेस्ट फाइनेंशियल फ्रॉड” के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के ऑनलाइन धोखाधड़ी के कारण खासकर बुजुर्ग लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई गंवा रहे हैं।

शून्य काल के दौरान बोलते हुए उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आग्रह किया कि भारत के बैंकिंग सिस्टम में AI आधारित सेफ्टी होल्ड गाइडलाइंस और एस्क्रो मैकेनिज्म तुरंत लागू किए जाएं, ताकि किसी भी संदिग्ध या हाई-रिस्क ट्रांसफर को रोका जा सके।

अग्रवाल ने बताया कि “डिजिटल गिरफ्तारी” एक नया और खतरनाक स्कैम है, जिसमें अपराधी वीडियो कॉल पर खुद को CBI या पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को कई दिनों तक मानसिक रूप से डराते हैं। झूठी धमकियों के दबाव में लोग अपनी सारी बचत अपराधियों के अकाउंट में ट्रांसफर कर देते हैं।

उन्होंने एक हालिया घटना का जिक्र किया, जिसमें एक महिला ने सितंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच लगभग ₹32 करोड़ खो दिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चोरी नहीं है, बल्कि लोगों की मानसिक और आर्थिक सुरक्षा पर बड़ा हमला है।

बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट भी डिजिटल गिरफ्तारी को गंभीर चुनौती मान चुका है। रिपोर्टों के अनुसार, भारत में 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा इन फ्रॉड्स में गंवाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई डर के कारण अपनी 80-90% जमा-पूंजी मिनटों में ट्रांसफर कर देता है, तब भी बैंक इसे सामान्य ट्रांजैक्शन मानकर पास कर देते हैं, और यह व्यवस्था बदलने की जरूरत है।

उन्होंने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के बैंक “मनी लॉक फीचर” लागू करके ऐसे फ्रॉड को काफी हद तक रोक चुके हैं। भारत में भी ऐसी AI-ड्रिवन सिक्योरिटी अपनाई जानी चाहिए ताकि नागरिकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।

अंत में उन्होंने कहा, “मैं वित्त मंत्री से अनुरोध करता हूं कि सेफ्टी होल्ड मैकेनिज्म को तुरंत लागू किया जाए, ताकि किसी भी घबराहट या दबाव के कारण नागरिक अपनी पूरी कमाई न खो दें।”

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button