यह लड़ाई मेरी नहीं, छत्तीसगढ़ की है: भूपेश बघेल का भाजपा और अडानी पर बड़ा हमला

रायपुर/दिल्ली।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली से सोशल मीडिया के ज़रिए एक लंबा संदेश जारी कर भाजपा और अडानी समूह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं है बल्कि छत्तीसगढ़ की धरती और संसाधनों को बचाने की है। उन्होंने अपील की कि लोग इस संदेश को अख़बार और टीवी पर भले न देखें, लेकिन सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के ज़रिए इसे ज्यादा से ज्यादा फैलाएं।
कई सालों से जारी है संघर्ष
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई अडानी और भाजपा के खिलाफ आज की नहीं, बल्कि कई साल पुरानी है। उन्होंने याद दिलाया कि जब वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे, तब डॉ. रमन सिंह की सरकार के घोटालों और कथित भ्रष्टाचार को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घर-घर तक पहुंचाया। तभी से उनके खिलाफ षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 2017 में भी उनके परिवार को निशाना बनाया गया था। उस वक्त उनकी दिवंगत मां की तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें ईओडब्ल्यू (EOW) के दफ्तर बुलाया गया, लेकिन वे डरे नहीं। 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें जेल भी भेजा गया, फिर भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और उनकी सरकार चली गई।
सरकार जाते ही शुरू हुई पेड़ कटाई
भूपेश ने दावा किया कि कांग्रेस की सरकार बनते ही अडानी का सपना टूट गया था। बैलाडीला में आदिवासियों की सहमति फर्जी पाई गई, इसलिए अडानी की खनन परियोजना रद्द कर दी गई। लोहंडीगुड़ा में राहुल गांधी के हाथों आदिवासियों को जमीन लौटाई गई।
उन्होंने कहा कि 2023 में कांग्रेस सरकार जाने के बाद हसदेव में हज़ारों पेड़ काट दिए गए। “विष्णुदेव का शपथ ग्रहण भले न हुआ हो, लेकिन अडानी छत्तीसगढ़ का मालिक बनने की शपथ ले चुका था,” उन्होंने कहा। बस्तर को खाली कराना और रायगढ़ के तमनार में गांववालों को बंधक बनाकर 5000 पेड़ काटना इसी योजना का हिस्सा था।
बिट्टू को भी निशाना बनाया
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि जब वे तमनार के किसानों के समर्थन में गए तो अगली ही सुबह उनके घर पर ईडी (ED) का छापा पड़ा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में उनके भाषण से पहले उन्हें पर्ची भेजकर बताया गया कि उनके बेटे चैतन्य (बिट्टू) को गिरफ़्तार कर लिया गया। “यह उनका आखिरी प्रयास था मुझे डराने का,” उन्होंने कहा।
भूपेश ने कहा कि उनका बेटा राजनीति में नहीं है और खेती-किसानी में लगा रहता है। उसकी गिरफ्तारी सिर्फ इसलिए हुई क्योंकि वे अडानी के आगे नहीं झुके। उन्होंने बताया कि जब वे बिट्टू से मिलने गए तो उसे किताबें दीं और कहा कि उसके दादा होते तो उसे देखकर गर्व करते।
22 जुलाई को आर्थिक नाकेबंदी
भूपेश ने कहा कि भाजपा और अडानी छत्तीसगढ़ और देश के संसाधनों को हड़पना चाहते हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे एकजुट होकर इस लड़ाई को जारी रखें। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को प्रदेश में कांग्रेस ने आर्थिक नाकेबंदी का आह्वान किया है।
उन्होंने अंत में कहा- “हमें हमारे प्रदेश और संसाधनों को बचाना है। कांग्रेस के लोग ईस्ट इंडिया कंपनी को हटा सकते हैं, तो अडानी को भी हटा देंगे। यह लड़ाई कई सालों से जारी है और आगे भी जारी रहेगी। चाहे कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।”





