Allegations against officials: सुशासन तिहार में शिकायत लेकर पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को CM से मिलने से रोका, विभागीय अधिकारियों पर आरोप
सुपरवाइजर पर वसूली और मानसिक प्रताड़ना के आरोप, FIR के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा

बिलासपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। (Allegations against officials) वार्ड क्रमांक 19 कस्तूरबा नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता कोमल चतुर्वेदी ने सुपरवाइजर मनप्रीत कौर और जिला परियोजना अधिकारी सुरेश सिंह पर मानसिक, आर्थिक उत्पीड़न तथा शिकायत दबाने के आरोप लगाए हैं। कोमल चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखे पत्र में कहा है कि 4 जून 2026 को आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में वह अपनी शिकायत लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थीं, लेकिन जिला परियोजना अधिकारी सुरेश सिंह ने उन्हें देखते ही कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलवा दिया।
सुपरवाइजर पर वसूली और मानसिक प्रताड़ना के आरोप (Allegations against officials)
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सुपरवाइजर मनप्रीत कौर द्वारा लगातार एक हजार रुपये की मांग की जाती है, उन्हें विभागीय बैठकों की सूचना नहीं दी जाती और सहायिका के साथ मिलकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। कोमल चतुर्वेदी का कहना है कि 1 जून 2026 को सहायिका राजकुमारी के बेटे ने उन्हें रास्ते में रोककर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी, जिसकी शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई है।
पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप भी उन्होंने लगाया है। वहीं मारपीट की घटना के बाद उन्हें नौकरी से हटाने संबंधी नोटिस जारी किए जाने का दावा किया गया है। मामले ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। विभागीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





