मलेरिया के नये मरीज : बिलासपुर के कोटा विकासखंड में मलेरिया के दो और नए मरीज मिले
मलेरिया नियंत्रण कार्यालय के कर्मचारियों का सोते हुए वीडियो वायरल, संवेदनशील गांवों में तीन साल से नहीं पहुंची नई मच्छरदानियां

बिलासपुर जिले के मलेरिया प्रभावित कोटा विकासखंड में दो और मरीज (मलेरिया के नये मरीज) मिलने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 14 हो गई है। मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सिम्स रेफर किया गया है। इस बीच जिला प्रशासन ने पूरे इलाके में निगरानी और रोकथाम के प्रयास तेज कर दिए हैं। वहीं जिला मलेरिया कार्यालय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति और एक कर्मचारी के सोते हुए वीडियो के सामने आने के बाद व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं…….
कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 14 हुई (मलेरिया के नये मरीज)
बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक के माणिकपुर और पसैरा सहित प्रभावित गांवों में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बी.के. वैष्णव और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सर्वे, जांच और उपचार में जुटी है। सोमवार को मिले दो नए मरीजों को पहले केन्दा स्वास्थ्य केंद्र और फिर सिम्स रेफर किया गया। टीम घर-घर सर्विलांस, सोर्स रिडक्शन और दवा वितरण का काम कर रही है। ग्रामीणों से साफ-सफाई रखने, पानी जमा नहीं होने देने और बुखार आने पर तत्काल जांच कराने की अपील भी की जा रही है।
दूसरी ओर, पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग स्थित जिला मलेरिया नियंत्रण कार्यालय में अधिकांश कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने और एक कर्मचारी के सोते हुए वीडियो के वायरल होने से कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अधिकांश कर्मचारी फील्ड में मलेरिया नियंत्रण अभियान में लगे हुए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल का कहना है कि कोटा मलेरिया प्रभावित क्षेत्र है और हर वर्ष यहां कुछ मामले सामने आते हैं। प्रशासन ने पूरे स्वास्थ्य अमले को अलर्ट कर दिया है और सीएमएचओ, बीएमओ सहित सभी टीमें लगातार क्षेत्र में काम कर रही हैं…..
वहीं कोटा के 72 मलेरिया संवेदनशील वनांचल गांवों में पिछले तीन वर्षों से नई मेडिकेटेड मच्छरदानियां नहीं पहुंची हैं, जबकि वर्ष 2020 के बाद से डीडीटी का छिड़काव भी बंद है। विभाग का कहना है कि मच्छरदानियों की मांग लगातार शासन को भेजी जा रही है और प्रभावित गांवों में घर-घर सर्वे, जांच और दवा वितरण का अभियान जारी है। ऐसे में मलेरिया नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक प्रयास और जमीनी व्यवस्थाओं—दोनों की प्रभावशीलता पर नजर बनी हुई है





