राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी, अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दुधली गांव में आयोजित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। आयोजन में भारी बजट खर्च होने के बावजूद व्यवस्थाओं की हालत खराब बताई जा रही है, जिससे प्रतिभागियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार जंबूरी आयोजन पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा किया गया है, लेकिन मौके पर साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी देखी गई। कई स्थानों पर नल सूखे मिले और गंदगी फैली हुई पाई गई।
आरोप है कि टॉयलेट और टेंट की संख्या को लेकर कागजों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। दस्तावेजों में सैकड़ों टॉयलेट और हजारों टेंट दिखाए गए हैं, जबकि मौके पर इनकी संख्या काफी कम बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि अस्थायी व्यवस्थाओं का हवाला देकर बाद में भुगतान में गड़बड़ी की जा सकती है।
पूर्व सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पहले ही आयोजन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसे स्थगित करने की मांग की थी। वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आयोजन को जारी रखने का निर्णय लिया। सरकार की ओर से कहा गया है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाएगा और फिलहाल किसी तरह का भुगतान नहीं किया गया है।
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है और विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।





