Amrit Mission: तखतपुर में अमृत मिशन 2.0 की खुली पोल, कीचड़ में बिछाई जा रही पाइपलाइन
पैसा बचाने की होड़ में गुणवत्ता से समझौता, अमृत मिशन 2.0 पर सवाल

तखतपुर में केंद्र व राज्य सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना अमृत मिशन 2.0 ज़मीनी स्तर पर गंभीर लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। (Amrit Mission) योजना के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइन का कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के विपरीत किया जा रहा है। नियमों के अनुसार पाइपलाइन बिछाने से पहले कम से कम 1 मीटर गड्ढा खोदना और नीचे रेत, मुरूम या बजरी का मजबूत बेस तैयार करना अनिवार्य है, ताकि पाइप सुरक्षित रहे और भविष्य में क्षतिग्रस्त न हो। लेकिन तखतपुर में हालात इसके उलट हैं। पाइप सीधे कीचड़ और गंदे पानी में डालकर मिट्टी से ढंक दिए जा रहे हैं।
अमृत मिशन 2.0 पर सवाल, Amrit Mission
हमारे सूत्रों के अनुसार रायपुर स्थित शुडा कार्यालय के अधिकारियों का भी स्पष्ट कहना है कि पाइप के नीचे सही बेस होना अनिवार्य है। इसके बावजूद ठेकेदार और जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा लागत बचाने के लिए भारी लापरवाही बरती जा रही है। बताया जा रहा है कि नगर के आधे से अधिक क्षेत्रों में इसी तरह पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिसका खामियाजा भविष्य में तखतपुर की जनता को भुगतना पड़ेगा। मामले पर जब बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल से बात की तो उन्होंने कहा कि यदि ऐसी समस्या है तो जांच कराई जाएगी।
पैसा बचाने की होड़ में गुणवत्ता से समझौता
वहीं तखतपुर नगरपालिका के सीएमओ की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि ठेकेदार की लापरवाही पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। यह न सिर्फ निर्माण मानकों की अनदेखी है, बल्कि जनता के पैसे की भी खुली बर्बादी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।





