कांकेर में एक्सपायर दवाएं जलाने से बच्चे बीमार, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया मामला

नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक सब-हेल्थ सेंटर में हुई गंभीर लापरवाही का मुद्दा लोकसभा में गूंजा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस घटना को मजबूती से उठाते हुए फार्मास्यूटिकल वेस्ट मैनेजमेंट जैसी अहम समस्या पर देश का ध्यान दिलाया।

सांसद ने बताया कि कांकेर के एक सब-हेल्थ सेंटर में एक्सपायर हो चुकी दवाओं को जलाया गया, जिससे जहरीला धुआं पास के स्कूल तक पहुंच गया। इस धुएं के कारण कई मासूम बच्चों को चक्कर आने और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि यह घटना केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है। कई जगहों पर एक्सपायर दवाओं को नालियों, खेतों या खुले गड्ढों में फेंक दिया जाता है, जिससे मिट्टी और भूजल प्रदूषित हो रहे हैं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए खतरा बढ़ रहा है।

लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से मांग की कि CDSCO की गाइडलाइंस और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के तहत देशभर में सख्त निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को दवाओं के सुरक्षित निपटान का अनिवार्य प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया।

सांसद ने सुझाव दिया कि हर जिले में एक्सपायर दवाओं के सुरक्षित निपटान के लिए विशेष व्यवस्था होनी चाहिए और नए अस्पतालों को मंजूरी देने से पहले वेस्ट डिस्पोजल की सुविधा अनिवार्य की जाए। साथ ही नियमों के पालन के लिए जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था भी लागू की जाए।

यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य, आम लोगों की सुरक्षा और पर्यावरण की रक्षा के लिए सांसद बृजमोहन अग्रवाल की गंभीर सोच को दर्शाती है। माना जा रहा है कि इससे देशभर में फार्मास्यूटिकल वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर और सख्ती आएगी।

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