Illegal Plotting: ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के पीछे अवैध प्लॉटिंग का बड़ा खेल रातोरात शुरू
Illegal Plotting: धान के खेतों के बीच लगभग 20 फीट कच्ची सड़क, प्रशासन मौन

नगर निगम की सीमा में शामिल गांव बहतराई के खसरा नंबर 420 और 439 सहित आसपास के कई एकड़ खेतों में इन दिनों संदिग्ध गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। (Illegal Plotting) धान की खड़ी फसल के बीच अचानक लगभग 20 फीट चौड़ी कच्ची सड़क बना दी गई है, जिसमें पत्थर की चिल्ली डालकर इसे सड़क बनाकर देने का प्रयास किया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क कथित तौर पर कई एकड़ की कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की तैयारी का बड़ा और शुरुआती हिस्सा है।
धान के खेतों के बीच लगभग 20 फीट कच्ची सड़क, प्रशासन मौन, Illegal Plotting
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिनों से क्षेत्र में भूमाफियाओं की हलचल इस इलाके में बढ़ गई है और खेतों को छोटे-छोटे प्लॉटों में बाँटने की कोशिशें लगातार जारी हैं। इससे पहले भी इस इलाके में बिना अनुमति अव्यवस्थित कॉलोनियां बनाने की शिकायतें उठती रही हैं।
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पटवारी न तो इस संबंध में कोई जानकारी दे रहे हैं और न ही जमीन पर किए जा रहे कामों पर कोई स्पष्ट जवाब।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले में वर्तमान और पूर्व पार्षदों की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है। हालांकि इस संबंध में किसी पक्ष ने आधिकारिक रूप से कुछ भी स्वीकार नहीं किया है। इलाके के निवासियों का कहना है कि नगर निगम और जिला प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
भूमाफिया और सरकारी तंत्र के बीच मिलीभगत की ओर इशारा
राज्य शासन के नियमानुसार 5 डिसमिल से कम जमीन की रजिस्ट्री प्रतिबंधित है।पंजीयन विभाग ने एक कदम आगे बढ़कर 10 डिसमिल तक की जमीन की भी बिक्री पर अघोषित प्रतिबंध लगा रखा है हालांकि दान दक्षिणा मिल जाने पर रजिस्ट्री करा दी जाती है। यदि यह आरोप सही है,तो यह भूमाफिया और सरकारी तंत्र के बीच मिलीभगत की ओर गंभीर इशारा करता है।
ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के पीछे अवैध प्लॉटिंग का बड़ा खेल रातोरात शुरू
ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के पीछे जिस तरह सड़क निर्माण और जमीन काटने का काम शुरू किया गया है, उससे आशंका है कि जल्द ही यहां फिर से अव्यवस्थित और अवैध कॉलोनी खड़ी कर दी जाएगी। ( Illegal Plotting) न तो कॉलोनाइज़र लाइसेंस का कोई बोर्ड लगा है, न किसी विभागीय अनुमति का उल्लेख यहां किया गया है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र के लोगों ने नगर निगम आयुक्त, जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से तत्काल संयुक्त जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह क्षेत्र एक बार फिर गैर प्लानिंग निर्माण और अवैध प्लॉटिंग की जद में आ जाएगा।





