दुर्ग में बड़ा लापरवाही कांड: नगर निगम के संपवेल में मिली सड़ती हुई लाश, 30 हजार लोगों तक पहुंच चुका था दूषित पानी

छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम में बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के जिस 11 एमएलडी फिल्टर प्लांट से करीब 30 हजार लोगों को पानी की सप्लाई की जाती है, उसी संपवेल में एक सड़ती हुई लाश मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की उम्र लगभग 45 से 50 वर्ष बताई जा रही है और शव दो से तीन दिन पुराना था। इस दौरान नगर निगम उसी पानी को शहर में सप्लाई करता रहा, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया।

गुरुवार सुबह टंकी भरने के लिए ऑपरेटर ने संपवेल का मोटर पंप चालू किया। थोड़ी ही देर में पानी के भीतर मानव शव दिखाई दिया, जिसके बाद तुरंत पुलिस, महापौर और आयुक्त को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घटना के बाद महापौर अलका बाघमार और आयुक्त सुमित अग्रवाल ने फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण में यह सामने आया कि संवेदनशील माने जाने वाले इस प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था बेहद लचर है। जिस कमरे में मोटर पंप और संपवेल स्थित है, वहां की खिड़कियां और दरवाजे टूटे हुए मिले। प्लांट परिसर में बाउंड्रीवाल तक नहीं है, न ही किसी तरह की तारबाड़ की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से लगाए जाने वाली रोशनी भी पर्याप्त नहीं है और यहां आने-जाने वालों पर कोई निगरानी नहीं रहती।

अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में तीन शिफ्ट में चौकीदार तैनात होते हैं, फिर भी इतनी बड़ी घटना कैसे हुई, यह बड़े सवाल खड़े कर रहा है। महापौर ने तुरंत सीसीटीवी कैमरे लगाने, चारों तरफ बाउंड्रीवाल व तार फेसिंग कराने और परिसर से झाड़ियां हटाने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शव कई दिनों पुराना हो तो ऐसे पानी के उपयोग से फूड प्वाइजनिंग सहित कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। फिलहाल सप्लाई रोक दी गई है और पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। यह घटना नगर निगम की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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