ABVP Movement: अर्सलान मौत मामला गर्माया
ABVP Movement: एबीवीपी ने जांच समिती मे आईपीएस अधिकारी और रिटायर्ड जज की मांग

बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्र अर्सलान अंसारी की रहस्यमयी मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।(ABVP Movement) बीते दिनों तालाब से छात्र की लाश मिलने के बाद अब छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दो दिन पहले जहाँ छात्र संगठन एनएसयूआई ने आंदोलन किया था, वहीं आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा संभालते हुए विश्वविद्यालय परिसर में उग्र प्रदर्शन किया।
गायब छात्र की मौत पर बवाल, विश्वविधालय प्रशासन घिरा सवालो में, (ABVP Movement)
आज सुबह से ही एबीवीपी के कार्यकर्ता गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने जुट गए। उन्होंने जमकर नारेबाजी की और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि मृत छात्र अर्सलान अंसारी 21 अक्टूबर से लापता था, लेकिन विश्वविद्यालय के किसी भी अधिकारी ने उसकी गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज नहीं कराई। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं पूरे मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं की गई। एबीवीपी के कार्यकर्ताओ ने कहा उनकी मांग है कि जो अधिकारी इस मामले को छिपाने की कोशिश में शामिल थे, उनके खिलाफ जांच हो और सख्त कार्रवाई की जाए। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा,आंदोलन जारी रहेगा।
एबीवीपी ने जांच समिती मे आईपीएस अधिकारी और रिटायर्ड जज की मांग
एबीवीपी ने चार सूत्रीय मांगें रखते हुए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। (ABVP Movement) संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए। इस समिति में रिटायर्ड जज, एक अभिभावक प्रतिनिधि, एक आईपीएस अधिकारी, भारत के किसी गणमान्य नागरिक और विश्वविद्यालय के छात्र प्रतिनिधि को शामिल किया जाए।संगठन का कहना है कि ऐसा करने से जांच की पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों बनी रहेंगी।एबीवीपी ने साथ ही यह भी मांग की है कि स्वामी विवेकानंद हॉस्टल के विंग वार्डन, चीफ वार्डन, विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी और छात्र कल्याण अधिष्ठाता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। संगठन का आरोप है कि यदि इन अधिकारियों ने समय रहते सही कदम उठाए होते तो अर्सलान की जान बचाई जा सकती थी। इस दिशा में विश्वविद्यालय प्रशासन से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि विधार्थियो की मांगो को पढ़ कर आगे की कार्यवाही की जायेगी।
गुरु घसीदास विश्वविद्यालय में छात्रों का फूटा गुस्सा, (ABVP Movement)
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन इन मांगों को मानकर जांच समिति का गठन करता है, या फिर यह मामला सिर्फ आश्वासनों में ही सिमटकर रह जाएगा।(ABVP Movement) अर्सलान अंसारी की मौत ने न सिर्फ गुरु घसीदास विश्वविद्यालय को झकझोरा है, बल्कि पूरे छात्र समुदाय को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।कि आखिर एक छात्र की जिंदगी इतनी सस्ती क्यों?





