भिलाई निकाय चुनाव मामला: दुर्ग कोर्ट ने कांग्रेस पार्षदों साधना सिंह और अभय सोनी को राहत दी

दुर्ग जिले में हुए भिलाई नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ा तीन साल पुराना मामला आखिरकार सुलझ गया है। मतगणना में गड़बड़ी के आरोपों पर दायर याचिका पर दुर्ग जिला न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए भाजपा प्रत्याशियों की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने वार्ड 56 की कांग्रेस पार्षद साधना सिंह और वार्ड 64 के पार्षद अभय सोनी के पक्ष में निर्णय देते हुए दोनों को उनके पद पर बने रहने की अनुमति दी है।

यह मामला वर्ष 2021 के नगरीय निकाय चुनाव का है, जिसमें साधना सिंह मात्र एक वोट से और अभय सोनी पांच वोटों से विजयी हुए थे। हार के बाद भाजपा प्रत्याशी जे. ललिता और उपासना साहू ने मतगणना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए दुर्ग न्यायालय में याचिका दायर की थी। उन्होंने निर्वाचन को शून्य घोषित करने और मतों की पुनर्गणना की मांग की थी।

तीन वर्षों तक चले इस विवाद में दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे पेश किए, लेकिन अदालत ने कहा कि पुनर्गणना का आदेश तभी दिया जा सकता है जब ठोस साक्ष्य मौजूद हों, केवल आरोपों के आधार पर नहीं। न्यायालय ने पाया कि प्रस्तुत दस्तावेज और गवाह इस बात को साबित नहीं कर सके कि मतगणना प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हुई थी।

अदालत के इस निर्णय के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। उन्होंने इसे पारदर्शिता और जनमत की जीत बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह फैसला जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती का प्रतीक है। दूसरी ओर, भाजपा खेमे में निराशा देखी गई है, हालांकि उन्होंने कहा कि वे फैसले की प्रतिलिपि का अध्ययन कर आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार करेंगे।

न्यायालय के आदेश से यह साफ हो गया है कि साधना सिंह और अभय सोनी अपनी पार्षद की जिम्मेदारियां पहले की तरह निभाते रहेंगे। अदालत ने मतों की पुनर्गणना से इनकार करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि चुनाव परिणाम वैध हैं और उनमें किसी भी प्रकार की हेराफेरी का प्रमाण नहीं मिला है।

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