Et af de længst eksisterende offshore-navne er stadig Queenvegas selvom konkurrencen er blevet hård. I sammanställningar av nyare alternativ förekommer Slotser casino som ett av flera mindre kända varumärken. Bland mindre etablerade sajter återfinns Newlucky casino som har en relativt enkel webbplats men ett brett spelutbud. För dem som vill veta mer om sajter utan begränsningar kan man klicka här och bläddra bland alternativen. Among lion-themed brand entries is www.leoncasino.nu which sits alongside several similar names. För spelare som är nyfikna på bonus buy-mekaniken kan man läs mer här för en bredare överblick.

गरबा की आड़ में कारोबार: हरियाणा-पंजाब-दिल्ली के इवेंट्स मैनजर छत्तीसगढ़ में करवा रहे आयोजन, बुकिंग अमाउंट 10 हजार से 2 लाख तक

प्रदेशभर में अफसरों की नजर, 100 से ज्यादा बड़े इवेंट्स की लिस्ट तैयार

रायपुर। नवरात्रि की रौनक के बीच गरबा और डांडिया नाइट्स का कारोबार इस बार प्रदेश में और भी बड़ा हो गया है। खास बात यह है कि स्थानीय आयोजकों के साथ-साथ हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के इवेंट्स मैनजर भी बड़े पैमाने पर एंट्री कर चुके हैं। ये कंपनियां और इवेंट्स मैनजर यहां गरबा नाइट्स का आयोजन कर रहे हैं और बुकिंग के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। बुकिंग अमाउंट 10 हजार से शुरू होकर 2 लाख रुपए तक जा रहा है।

रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और कोरबा जैसे बड़े शहरों में इन आयोजनों की धूम है। यहां इवेंट्स मैनजर कॉर्पोरेट पैकेज, वीआईपी टेबल, फैमिली पास और स्पॉन्सरशिप तक ऑफर कर रहे हैं। कई जगह बुकिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिए हो रही है, जिससे युवा वर्ग खासा आकर्षित हो रहा है। आयोजक गुजरात और मुंबई से कलाकार बुलाकर माहौल को भव्य बना रहे हैं। यही वजह है कि इन इवेंट्स का बिजनेस करोड़ों तक पहुंचने की उम्मीद है।

image 2025 09 23T151429.333

अफसर कर रहे शिकायत का इंतजार

प्रदेश के कारोबारियों पर एक्शन लेने वाले अफसर दूसरे राज्यों के इवेंट आर्गेनाइजर्स पर मेहरबान है। कॉर्पोरेट गरबा के नाम पर लाखों रुपए का टिकट बेचने वाले इन कारोबारियों ने अब तक इवेंट की परमिशन जीएसटी विभाग के अधिकारियों से नहीं ली है। अफसरों ने भी इन काराेबारियों को मौन सहमति दे दी है। मीडिया से चर्चा के दौरान अफसर नाम ना छापने की शर्त पर बता रहे है, कि कॉर्पोरेट इवेंट को लेकर विभाग अलर्ट मोड में है। जहां पर कॉर्पोरेट कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है, वहां पर नजर रखी हुई है। आयेाजको से सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स वसूला जाएगा।

image 2025 09 23T151558.706

100 आयोजनों की लिस्ट अफसरों के पास

सूत्रों के मुताबिक बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा और मनेंद्रगढ़ समेत प्रदेश के 100 से ज्यादा बड़े इवेंट्स की सूची तैयार कर ली गई है। अफसर इन आयोजनों पर नजर रखेंगे। जहां टिकट, पास और पैकेज बेचे जा रहे हैं, वहां से बिलिंग का विवरण मांगा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सांस्कृतिक आयोजन पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जब यह कारोबार का रूप लेता है और आयोजक मोटी कमाई करते हैं, तो सरकार को उसका हिस्सा टैक्स के रूप में मिलना चाहिए।

Garba-Dandiya celebration on Navratri, celebrities will reach Ambikapur | अंबिकापुर में गरबा-डांडिया की धूम...बड़े होटलों में आयोजन: बॉलीवुड की मुन्नी और चिंकी-मिंकी भी ...

बिलासपुर-रायपुर में कॉर्पोरेट पैकेज हो रहा बुक

 बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में कई बड़े आयोजन हो रहे हैं, जहां स्पॉन्सरशिप और कॉर्पोरेट पैकेज की बुकिंग पहले से हो चुकी है। आयोजकों ने बड़े पैमाने पर कलाकार बुलाए हैं और सोशल मीडिया पर धूमधाम से प्रमोशन चल रहा है। कई जगह तो डीजे नाइट, फूड कोर्ट और गेमिंग जोन तक जोड़ दिए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह सब मनोरंजन कर और जीएसटी के दायरे में आता है।

मनेंद्रगढ़ में होटलों में गरबा का आयोजन

मनेंद्रगढ़ और कोरबा जैसे शहरों में भी बड़े आयोजन हो रहे हैं, जहां स्थानीय व्यापारी और होटल कारोबारियों ने पैकेज को प्रमोट किया है। विभाग का फोकस खासकर उन आयोजनों पर रहेगा, जहां टिकट की बिक्री का हिसाब नहीं दिया जा रहा। अफसरों ने संकेत दिए हैं कि सर्वे और जांच की कार्रवाई जल्द शुरू होगी।

UP News: अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर हड़पी 11 करोड़ की GST, सहायक आयुक्त पर हो गई बड़ी कार्रवाई - Assistant commissioner suspended for swindling officials and grabbing GST ...

कॉर्पोरेट आयोजनों पर नजर

जीएसटी विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि “हम सिर्फ उन्हीं आयोजनों पर ध्यान देंगे, जहां से कमाई हो रही है और वह टैक्स योग्य है। परंपरा और धार्मिक आयोजन पर विभाग का कोई दखल नहीं होगा।” नवरात्रि में गरबा नाइट्स प्रदेश में अब सिर्फ धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहे, बल्कि यह एक बड़े पैमाने का कारोबार बन चुके हैं। यही कारण है कि सरकार अब इस कारोबार पर टैक्स की सख्ती से वसूली करने की तैयारी में है।

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई
जम्मू-कश्मीर में बारिश से अपडेट सोनम ने ही राजा को दिया था खाई में धक्का… आरोपियों ने बताई सच्चाई