74 साल पुराने फिल्टर प्लांट से रायपुर की 25 लाख आबादी को पानी, अब बनेगा नया प्लांट

रायपुर। राजधानी की प्यास बुझाने वाला भाठागांव स्थित फिल्टर प्लांट अब जनसंख्या की जरूरतों के सामने छोटा साबित हो रहा है। 1951 में मात्र 60 हजार आबादी के लिए बना यह प्लांट आज 25 लाख लोगों को पानी सप्लाई कर रहा है। इसकी क्षमता 310 एमएलडी है, जिससे मौजूदा जरूरत तो पूरी हो रही है, लेकिन तेजी से बढ़ते शहर के लिए यह अपर्याप्त है। फिलहाल 20% से अधिक आबादी अभी भी भूजल पर निर्भर है।
नगर निगम ने बढ़ती मांग को देखते हुए नया फिल्टर प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। 100 एमएलडी क्षमता वाला यह प्लांट मोवा, सड्ढू और दलदल सिवनी क्षेत्र में लगाया जाएगा। इससे लगभग सात लाख अतिरिक्त लोगों को पानी की सप्लाई होगी और अगले तीन-चार दशकों तक पानी की समस्या नहीं होगी।
इतिहास पर नजर डालें तो रायपुर में खारुन नदी से पानी लाने की पहली योजना 1886 में बनी थी। 1951-52 में रावणभाठा में पहला 11.5 एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट बना, जिसकी क्षमता समय-समय पर बढ़ाई गई। लेकिन अब पाइपलाइन पुरानी होने और प्रेशर बढ़ने से आए दिन लीकेज की समस्या बनी रहती है।
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि आउटर कॉलोनियों में पानी की दिक्कत को देखते हुए नया फिल्टर प्लांट जरूरी है। जल विभाग सर्वे कर प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे राज्य सरकार को भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट 2050 तक की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।





