गरियाबंद जिला अस्पताल की लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की सुनवाई

गरियाबंद: जिला अस्पताल की गंभीर लापरवाही पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अस्पताल में मरीज को नर्स की जगह महिला सुरक्षा गार्ड द्वारा इंजेक्शन लगाने का मामला सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में सुनना शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, एक पूर्व नगरपालिका पार्षद अपने भतीजे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। इलाज के दौरान महिला सुरक्षा गार्ड ने नर्स की जगह मरीज को इंजेक्शन लगा दिया। इस घटना का वीडियो पार्षद ने मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल कार्रवाई शुरू करनी पड़ी।
हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कहा कि इस मामले में कोर्ट लगातार निगरानी रखेगा। अगली सुनवाई सितंबर में होगी।
वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद गरियाबंद कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.एस. नवरत्न और सिविल सर्जन डॉ. यशवंत ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
कोर्ट ने साफ किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अगली सुनवाई तक प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर रखी जाएगी।





