महासमुंद में ग्राम सचिवों का उन्मुखीकरण, गांवों के विकास को लेकर दिए निर्देश

महासमुंद। जनजातीय कार्य मंत्रालय की महत्वाकांक्षी “आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत जिला पंचायत महासमुंद में ग्राम सचिवों के लिए जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हेमंत नंदनवार ने की।
कार्यक्रम में अभियान से जुड़ी पूरी जानकारी, दिशा-निर्देश और काम करने की प्रक्रिया बताई गई। जिले के पांचों जनपदों के सीईओ और सभी ग्राम सचिव इसमें मौजूद रहे।
सीईओ हेमंत नंदनवार ने कहा कि हर सचिव अपने-अपने गांव के नोडल अधिकारी के रूप में काम करेंगे और सेवा प्रदायगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर अभिसरण की भावना से गांवों का विकास करें।
आदिवासी विकास विभाग से मास्टर ट्रेनर निलेश खांडे ने बताया कि अभियान का मकसद गांवों में ऐसी लीडरशिप टीम तैयार करना है, जो ग्राम की मूलभूत जरूरतों को शासन तक सही तरीके से पहुंचा सके और हर योजना का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
अभियान के तहत आदि सेवा केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। धरती-आबा योजना अंतर्गत चयनित 308 गांवों में यह केंद्र खोले जाएंगे, जहां ग्राम सचिव और रोजगार सहायक मिलकर एक सिंगल विंडो के रूप में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे।





