छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: भूपेश बघेल के बेटे की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई 2 सितंबर को

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। मंगलवार को हाईकोर्ट में उनकी ओर से बहस पूरी हो गई। अब अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अपना पक्ष रखेगा।
चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को असंवैधानिक बताते हुए याचिका दायर की है। ईडी ने उन्हें 18 जुलाई को भिलाई से गिरफ्तार किया था। इससे पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी, लेकिन वहां से याचिका खारिज हो गई और हाईकोर्ट में जाने का निर्देश दिया गया।
फिलहाल चैतन्य बघेल न्यायिक रिमांड पर जेल में हैं। ईडी का आरोप है कि उन्होंने शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (POC) प्राप्त की और इसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया। साथ ही, उन पर 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के फंड को संभालने में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आरोप है।
इस मामले में पहले ही कई बड़े अधिकारियों और नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा शामिल हैं।
अब इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला राज्य की राजनीति और भ्रष्टाचार के मामलों पर बड़ा असर डाल सकता है।





