भिलाई दंपती विवाद : हाईकोर्ट ने पति को दिया तलाक, पत्नी पर मानसिक क्रूरता का आरोप साबित

बिलासपुर। भिलाई के एक दंपती के बीच चल रहे लंबे विवाद का आखिरकार अंत हो गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पति के पक्ष में तलाक की डिक्री मंजूर कर दी है। अदालत ने माना कि पत्नी ने बिना कारण घर छोड़ा और उसके व्यवहार से पति को मानसिक क्रूरता झेलनी पड़ी।
जानकारी के मुताबिक, भिलाई निवासी अनिल कुमार सोनमणि उर्फ अनिल स्वामी और उनकी पत्नी का विवाह 1996 में हुआ था। दोनों के एक बेटा और एक बेटी हैं। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में तनाव बढ़ गया। आरोप है कि पत्नी के प्रिंसिपल की नौकरी जॉइन करने के बाद वह अक्सर विवाद करने लगी।
कोरोना काल में जब अदालतें बंद हुईं और पति की आमदनी रुक गई, तब पत्नी ने उसे बेरोजगार कहकर ताने दिए। अगस्त 2020 में बड़ा विवाद हुआ और पत्नी बेटी को लेकर मायके चली गई। बाद में उसने एक पत्र छोड़कर साफ लिख दिया कि वह पति और बेटे से सारे रिश्ते खत्म कर रही है।
पति ने कई बार पत्नी को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं लौटी। इसके बाद पति ने फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई, जिसे अक्टूबर 2023 में खारिज कर दिया गया। इस फैसले को पति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए पाया कि पत्नी ने बिना किसी उचित कारण के पति से अलगाव किया और यह मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने कहा कि अब दोनों के बीच सुलह की संभावना नहीं है। इसलिए पति को तलाक की डिक्री दी जाती है।





