रायपुर में ड्रग्स का बढ़ता जाल, फार्म हाउस से होटलों तक पहुंचा कारोबार

रायपुर। राजधानी में नशे का जाल लगातार फैलता जा रहा है। पंजाब में दिखने वाला नजारा अब छत्तीसगढ़ में भी नजर आने लगा है। ड्रग तस्कर रायपुर को ड्रग्स का ठिकाना बनाकर यहां से अन्य राज्यों में सप्लाई कर रहे हैं। यहां तक कि पंजाब में मिलने वाले ज्यादातर ड्रग्स अब रायपुर में आसानी से उपलब्ध हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ये गिरोह अमीर घरानों के बच्चों को स्कूल के समय से ही अपने जाल में फंसा लेते हैं। कॉलेज पहुंचते-पहुंचते उन्हें पूरी तरह ड्रग्स का आदी बना देते हैं और फिर उन्हें कमाई का जरिया बना लेते हैं। रायपुर की सड़कों से लेकर फार्म हाउस और होटलों तक अब ड्रग्स पार्टियों का नेटवर्क सक्रिय है।
वायरल वीडियो ने खोली पोल
हाल ही में एक फार्म हाउस का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें चंदन सोनकर नाम का युवक ड्रग्स सप्लाई और सेवन करते नजर आया। बताया जाता है कि वह कई गैंग से जुड़ा है और रायपुर में ड्रग सप्लाई का अहम लिंक है। इससे पहले, एक होटल में युवती का ड्रग्स सेवन करते हुए वीडियो भी सामने आया था। अब तीन युवकों का नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे टेबल पर सफेद पाउडर, प्लास्टिक कार्ड और रोल पेपर के जरिए ड्रग्स ले रहे हैं।
सेल्फ-ड्राइव गाड़ियों से तस्करी
ड्रग्स की सप्लाई के लिए तस्कर अब सेल्फ-ड्राइव कारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस सूत्र बताते हैं कि रायपुर में तीन बड़े गैंग सक्रिय हैं, जिन्होंने अलग-अलग इलाकों में सप्लाई चेन बनाई है। ग्राहक की मांग के अनुसार डिलीवरी दी जाती है और सदस्यों को पुलिस से बचने की ट्रेनिंग तक दी जाती है।
गांव के युवाओं को बना रहे मोहरा
खिलोरा, अभनपुर, खुड़मुड़ा, दतरेंगा, काठाडीह और सेजबहार जैसे गांवों के युवाओं को भी इस धंधे में शामिल किया जा रहा है। आउटर रूट्स से ड्रग्स लाकर सप्लाई की जा रही है, जहां पुलिस की गश्त कम होती है।
थाना क्षेत्रों पर उठ रहे सवाल
राजेन्द्र नगर, समता कॉलोनी, भाठागांव, नेहरू नगर, कालीबाड़ी, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा जैसे क्षेत्रों में यह कारोबार फल-फूल रहा है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई न होने से पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी गैंग से सांठगांठ कर मामलों को दबाते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और खुलासे
इस साल पुलिस ने 550 से ज्यादा ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो गांजा, एमडीएमए, एलएसडी, ओजी गांजा, हेरोइन, नशीली गोलियां, अफीम और कफ सिरप की तस्करी में शामिल थे। पूछताछ में सामने आया कि गांजा मुख्य रूप से ओडिशा से, जबकि एमडीएमए, एलएसडी और हेरोइन महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से लाकर सप्लाई की जाती थी।
पाकिस्तानी लिंक और बड़ी जांच
कुछ दिन पहले पुलिस ने एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर 9 आरोपियों को पकड़ा था, जिन्होंने पाकिस्तान से आई हेरोइन बेचने की बात कबूल की। इस केस की जांच अब इंटेलिजेंस ब्यूरो, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और छत्तीसगढ़ एटीएस भी कर रही है। पंजाब का इंटरनेशनल तस्कर लवजीत सिंह बंटी 450 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया था, जिसका लिंक पाकिस्तान, कुवैत और दुबई तक बताया जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर समय रहते इस नेटवर्क को खत्म नहीं किया गया, तो रायपुर जल्द ही नशे का बड़ा केंद्र बन सकता है। प्रशासन और पुलिस को इस पर सख्ती से लगाम लगाने की जरूरत है।





