स्कूल कार्यक्रम में गरजीं विधायक कविता लहरे, नाम न होने पर जताई नाराजगी

बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़:
सरसीवां स्कूल में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव और पौधरोपण कार्यक्रम उस वक्त विवादों में घिर गया, जब बिलाईगढ़ क्षेत्र की कांग्रेस विधायक कविता प्राण लहरे ने मंच से अफसरों और स्कूल प्रबंधन को सार्वजनिक रूप से फटकार लगा दी। कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में विधायक का नाम शामिल न किए जाने पर उन्होंने इसे जनप्रतिनिधि और क्षेत्र की जनता का अपमान करार दिया।

विधायक कविता लहरे ने मंच से तीखे शब्दों में कहा —
“सरकारें आती-जाती हैं, लेकिन आपकी कुर्सी 62 साल तक नहीं चलेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें क्षेत्र की तीन लाख जनता ने चुना है और संविधान में ऐसा कहीं नहीं लिखा कि किसी जनप्रतिनिधि का नाम कार्यक्रम से हटाया जा सकता है। मंच पर मौजूद कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के सामने विधायक का यह आक्रामक रूप देखकर पूरा माहौल एकदम सन्नाटे में बदल गया।

छत्तीसगढ़ी में अपनी बात रखते हुए कविता लहरे ने कहा:
“मैं महतारी बनके 3 लाख जनता ल अपन समझथंव, तो मोर अपमान बार-बार काबर? मैं चाहथंव कि आप मंच से जवाब देवव।

उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि यह अपमान सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता का है और इस पर जवाब अब मंच से ही चाहिए।
विधायक कविता लहरे पहले भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुकी हैं — चाहे वह ‘पप्पा जी की कृपा’ का मामला हो या ‘हाले लुईया’ बयान। अब एक बार फिर उनके तीखे तेवर राजनीतिक हलकों और मीडिया में चर्चा का विषय बन गए हैं।

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